
Ganesh Chaturthi 2020 Date Muhurat Puja Vidhi , Ganesh Atharvashirsha
जयपुर.
सनातन धर्म में गणेशजी को प्रथम पूज्य कहा गया है। वे विघ्न विनाशक हैं और बुद्धि के देवता भी हैं। उनके आशीर्वाद के बिना कोई काम पूरा नहीं हो सकता। यूं तो उनकी पूजा के लिए अनेक मंत्र, श्लोक, स्तोत्र हैं पर इनमें गणेश अथर्वशीर्ष सबसे प्रमुख है। यह संस्कृत में रचित एक लघु उपनिषद है जिसमें दस ऋचाएं हैं। इसमें गणेशजी को परम ब्रह्म बताया गया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि यह उपनिषद दरअसल अथर्ववेद का भाग है। इसमें उल्लेख है कि गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करनेवाला ब्रह्मीभूत होता है। शाम को इसका पाठ करनेवाला दिन में किए किए पापों से मुक्त हो जाता है और सुबह इसका पाठ करनेवाला रात में किए गए पापों का नाश करता है। इसका नित्य पाठ करनेवाले सभी विघ्नों से मुक्त हो जाते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करनेवाला सर्वसुखी हो जाता है। बुधवार और चतुर्थी तिथि पर इसके पाठ की महत्ता और बढ़ जाती है। विशेष बात यह है कि गणेश अथर्वशीर्ष का 1000 जाप करने से यह सिद्ध हो जाता है. इसकी 1000 आवृत्ति करने के बाद उपासक जो कामना करेगा, गणेशजी की कृपा से उसे प्राप्त कर लेगा। गणेश अथर्वशीर्ष का दुर्वांकुरों द्वारा यजन करनेवाला कुबेर के समान हो जाता है। सहस्त्र मोदकों के द्वारा यजन करने पर भी मनोवांछित फल प्राप्त करता है।
Published on:
29 Jul 2020 08:14 am
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