
मृतक गणेश वर्मा
जयपुर. रक्षाबंधन से पहले माधोराजपुरा के चांदमा कलां गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव निवासी बाबूलाल वर्मा के 18 साल के बेटे गणेश वर्मा की सड़क हादसे में मौत हो गई। गणेश अपनी सात बहनों का इकलौता भाई था। हादसे की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया और गांव में भी शोक का माहौल बन गया।
गणेश वर्मा परिवार में सात बहनों का इकलौता भाई था। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार परिवार के लिए खास होने के बजाय दुख में बदल गया। जिस समय बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी करतीं, उससे पहले ही गणेश की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। 18 साल की उम्र में गणेश के चले जाने से परिवार पर दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा।
गणेश की मौत के बाद चांदमा हितकारिणी सभा ने पीड़ित परिवार की मदद करने की पहल की। सभा की ओर से समाज के लोगों और भामाशाहों से आर्थिक सहयोग की अपील की गई। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों तक मदद की अपील पहुंचाई गई, ताकि दुख की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।
दरअसल, ग्यारह दिन पूर्व 15 अगस्त को गणेश की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बाबूलाल वर्मा की आंखें रविवार को उस समय भर आईं जब गांव वालों ने परिवार की माली हालत को देखते हुए सोशल मीडिया के जरिए मुहिम चलाकर चलाकर पैसे इक्ट्ठे कर सौंपे।
प्रहलाद भार्गव ने बताया कि इस नेक पहल में व्याख्याता रामावतार सैनी, टीचर राजकुमार सोनी और व्याख्याता रंगलाल सैनी ने भी भूमिका निभाई। उन्होंने भामाशाहों और समाज के लोगों से संपर्क किया और परिवार की मदद के लिए सहयोग राशि जुटाने का प्रयास किया। इस दौरान समाज के कई लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार परिवार की सहायता के लिए योगदान दिया।
समाजबंधुओं के सहयोग से कुल 1 लाख 15 हजार 200 रुपये की राशि एकत्रित की गई। यह राशि शोक संतप्त परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में दी गई। गणेश के परिवार के लिए यह मदद ऐसे समय में मिली है, जब परिवार अपने बेटे को खोने के दुख से गुजर रहा है। समाज की ओर से की गई यह पहल मुश्किल वक्त में परिवार के साथ खड़े होने की भावना को दिखाती है।
चांदमा हितकारिणी सभा से जुड़े सदस्यों ने इस सहयोग के लिए सभी भामाशाहों, व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े सदस्यों और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वाले हर व्यक्ति का आभार जताया। सभा की ओर से कहा गया कि इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होकर सहयोग करने वाले सभी लोगों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
Updated on:
24 Aug 2026 05:25 pm
Published on:
24 Aug 2026 05:12 pm
