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Rajasthan News : फ्री स्मार्टफोन जैसी स्कीम दुनिया में कहीं नहीं, जानें सीएम अशोक गहलोत संबोधन की बड़ी बातें

Free Smartphone Scheme in Rajasthan : फ्री स्मार्टफोन योजना लॉन्चिंग के मौके पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 21वीं सदी के लिए देखे सपने का ज़िक्र किया, साथ ही आईटी क्षेत्र में अपने पूर्व और मौजूदा कार्यकाल के दौरान किए प्रयासों पर फोकस रखा।  

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Gehlot government indira gandhi free smartphone scheme launch

जयपुर।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना लांच लॉन्च कर दी। जयपुर के बिड़ला सभागार में राज्यस्तरीय समारोह से सीएम गहलोत ने योजना के पहले चरण की शुरुआत की। इस चरण में 40 लाख महिलाओं और स्कूली छात्राओं को इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ फ्री स्मार्ट फोन वितरित किए जा रहे हैं।

इधर फ्री स्मार्टफोन योजना लॉन्चिंग के मौके पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 21वीं सदी के लिए देखे सपने का ज़िक्र किया, साथ ही आईटी क्षेत्र में अपने पूर्व और मौजूदा कार्यकाल के दौरान किए प्रयासों पर फोकस रखा।

'दुनिया में नहीं ऐसी कोई स्कीम'
सीएम गहलोत ने स्मार्टफोन योजना लॉन्चिंग पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि ऐसी स्कीम दुनिया में किसी मुल्क में नहीं है, जहां एक करोड़ से भी ज्यादा महिलाओं को स्मार्टफोन बांटे जा रहे हैं। पहले चरण में आज भी एकसाथ ज्यादातर महिलाओं-बालिकाओं के हाथों में फोन पहुंच गए हैं। इनमें सुदूर गांव में बैठी महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रति मोबाईल के लिए 6 हज़ार 800 रुपए और साथ में 2GB के डेटा देने की योजना और कहीं नहीं है।

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'राजीव गांधी का सपना हो रहा साकार'
सीएम गहलोत ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को याद किया। उन्होंने कहा कि देश में आईटी क्रान्ति का सपना राजीव गांधी देखा करते थे। उस दौरान मैं भी उनके मंत्रिमंडल में शामिल था। तब लगता था कि ये सपना आखिर कैसे साकार होगा? विरोधियों के साथ सभी को भी डर और आशंका थी कि कम्प्युटर आने से लाखों की तादाद में टाइपिस्ट कार्मिकों की नौकरी पर संकट आ जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कंप्यूटर आ गए और आईटी क्रांति हो गई। आज का दौर देखकर कह सकते हैं कि राजीव गांधी का सपना साकार हो रहा है।

'दिसंबर तक 90 फीसद वादे होंगे पूरे'
सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जो घोषणा करती है, वो पूरा करके दिखाती है। फ्री मोबाइल योजना भी बजट भाषण के दौरान की गई थी, जिसे आज पूरा किया जा रहा। यही सरकार की खूबी है। उन्होंने कहा कि अभी तक 50 प्रतिशत तक वादे पूरे हो चुके हैं, सितंबर तक 70 फीसद जबकि दिसंबर तक 90 फीसद तक वादे पूरे हो जाएंगे। यह भी अपने आप में रिकॉर्ड है। वादे के मुताबिक़ कहीं नई सड़कें बन रही है, कहीं नए कॉलेज खुल रहे हैं, कहीं पीएचसी-सीएचसी जिला अस्पताल खुल रहे हैं, तो कहीं इंग्लिश मीडियम स्कूल खुल रहे हैं।

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'चिप के कारण हुई योजना में देरी'
सीएम गहलोत ने फ्री मोबाइल फोन योजना के सरकार के पांचवें और आखिरी साल में लॉन्च करने के कारण भी बताये। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन योजना बहुत पहले लाने वाले थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना काल के कारण मोबाइल और कारों में लगने वाली चिप का निर्माण बंद हो गया। इस वजह से मोबाईल बनने बंद हो गए और हमारी योजना भी इसका शिकार हो गई। हालांकि अब इस बात कि ख़ुशी है कि ये रही है। इस योजना में एक करोड़ 33 लाख माता-बहनों-बच्चों को मोबाइल फोन वितरित करना है।

'आचार संहिता से पहले हर परिवार तक फोन'
सीएम गहलोत ने कहा कि अभी पहले चरण में 40 लाख महिलाओं को मोबाइल फोन दिए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि चुनाव के मद्देनज़र आचार संहिता लगने से पहले चरणबद्ध तरीके से हर परिवार तक मोबाइल फोन पहुंच जाएं, क्योंकि आचार संहिता लागू होने के बाद ऐसा नहीं हो सकेगा।

'पूर्व के कार्यकाल में भी आईटी पर फोकस'
सीएम गहलोत ने अपने पूर्व के मुख्यमंत्री कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि करीब 24 साल पहले जब पहली बार मुख्यमंत्री बना था तब हमने जयपुर के गवर्नमेंट हॉस्टल में एक लोक मित्र की शुरुआत की थी। ख़ुशी की बात है कि आज शहर से लेकर गांव तक में करीब 80 हज़ार ई-मित्र संचालित हैं जो 600 तरीके की सेवाएं दे रहे हैं।

सीएम गहलोत ने कहा कि जब दूसरी बार मुख्यमंत्री बना तब बजट का 3% हिस्सा आईटी के लिए रखा, जो उस वक्त बहुत बड़ा हिस्सा माना गया था। उसी का परिणाम ये रहा कि आईटी के प्रति कार्मिकों की आदत बढ़ी और आज यहां भामाशाह से लेकर डेटा सेंटर तक बन गए, जो देशभर में कहीं नहीं है। हमारी गवर्नेंस भी आईटी आधारित हो गई है।