
Gehlot Minister Ramesh Meena Insult Bikaner Collector Latest News : गहलोत सरकार के मंत्रियों और नौकरशाही के बीच टकराव की स्थिति के बीच प्रमुख विपक्षी दल भाजपा की भी एंट्री हुई है। मंत्री रमेश मीणा द्वारा बीकानेर कलक्टर के साथ दुर्व्यवहार के ताज़ा घटनाक्रम के बाद भाजपा नेताओं ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग उठाई जो प्रशासनिक अफसरों को सार्वजनिक रूप से लगातार अपमानित कर रहे हैं।
सत्ता के मद में चूर हैं अहंकारी मंत्री: राठौड़
विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मंत्रियों और नौकरशाहों के बीच टकराव की स्थिति के पीछे वजह कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह को बताया है। राठौड़ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'कांग्रेस की गुटबाजी की चक्की में प्रशासनिक अधिकारी पिसने को मजबूर हो रहे हैं। राज्य में पहले सत्तारूढ़ दल में आंतरिक कलह तो जगजाहिर थी ही और अब सत्ता के मद में चूर अहंकारी मंत्रियों के रवैये के कारण नौकरशाहों के साथ भी अंतर्द्वंद्व प्रारम्भ हो गया है।'
राठौड़ ने कहा, 'कभी दौसा में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा RAS अधिकारी को गेट आउट कहना और अब बीकानेर में पंचायती राजमंत्री द्वारा IAS अधिकारी को हॉल से बाहर निकालने की घटना ब्यूरोक्रेसी का अपमान है। यह पहली बार है जब राजस्थान आइएएस एसोसिएशन को मंत्रियों के दुर्व्यव्हार से आहत होकर पत्र लिखना पड़ा है।'
अफसरों का अपमान, दोनों मंत्री हों बर्खास्त : सांसद किरोड़ी मीणा
सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने प्रशासनिक अफसरों से दुर्व्यवहार मामले में मंत्री रमेश मीणा के साथ ही मंत्री परसादी लाल मीणा को भी बर्खास्त करने की मांग उठाई है। सांसद मीणा ने कहा, 'दौसा में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सीनियर RAS को गेट-आऊट कहा गया और बीकानेर में पंचायत मंत्री ने कलक्टर को गेट-आऊट कर व्यूरोक्रेसी का घोर अपमान किया गया है। ये लोग भय का वातावरण बना रहे हैं। ऐसे दोनों मंत्रियों बर्खास्त किया जाना चाहिए।
मंत्री ने कलक्टर को फटकारा
सरकार के कुछ मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच चल रहा विवाद सोमवार को फिर सामने आ गया। बीकानेर रवींद्र रंगमंच पर महिला स्वयं सहायता समूह से संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री रमेश चंद मीणा ने कलक्टर की तरफ इशारा करते हुए ब्यूरोक्रेट्स को कोसा।
मंच पर कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल भी बैठे थे। मंत्री के संबोधन के दौरान कॉल आने पर कलक्टर ने मोबाइल कान पर लगा लिया। ऐसा देख मंत्री ने अपने संबोधन को दूसरी तरफ मोड़ते हुए कहा-सरकार का निर्देश है... सीएम का निर्देश है...हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे...क्या ब्यूरोक्रेट्स इतने हावी हैं इस स्टेट में...सुनते नहीं हैं बात को। इस पर कलक्टर बोले-मैं चला जाता हूं...। मंत्री ने भी कह दिया- आप जाइए यहां से। कलक्टर के सीट से उठकर जाने के दौरान मंत्री ने फिर कहा कि यह क्या तरीका है...।
ऐसी घटनाएं नौकरशाही का मनोबल गिराने के साथ ही सरकार की छवि को भी धूमिल करती हैं। -डॉ.समित शर्मा, सचिव, राजस्थान आइएएस एसोसिएशन
आइएएस एसोसिएशन की नाराजगी राज्य में कांस्टिट्यूशनल क्राइसिस होने की ओर इशारा कर रही है। सरकार, अधिकारियों को अपमानित कर रही है। -राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष
एसोसिएशन ने सीएम-सीएस को लिखा पत्र
राज्य की ब्यूरोक्रेसी और मंत्रियों में बढ़ते टकराव के बीच राजस्थान आइएएस एसोसिएशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मुख्य सचिव उषा शर्मा को पत्र लिखकर कुछ जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों पर स्वप्रचार के लिए कुछ आइएएस अधिकारियों को जानबूझकर टारगेट करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के सचिव डॉ.समित शर्मा की ओर से लिखे गए पत्र के अनुसार उच्च पदों पर रहने के बावजूद जनप्रतिनिधि इस तरह की अनुचित टिप्पणियां कर रहे हैं।
मंत्री रमेश मीणा पर कलक्टर के लिए अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए एसोसिएशन ने कहा कि कलक्टर उस समय अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। पहले यही मंत्री अलवर में भी जिला कलक्टर के लिए अपमानजनक टिप्पणी कर चुके हैं।
Published on:
22 Nov 2022 02:43 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
