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Goga Navami – सर्पभय दूर भगाने करें यह छोटी सी पूजा, नहीं काटेंगे सांप

बारिश के मौसम में प्राय: सांप के काटने की घटनाएं होती रहती हैं जिनमें कई लोगों की जान भी चली जाती है। सर्पदंश की इन घटनाओं के बीच एक दिन ऐसा भी आता है जब सांप के काटने से बचने के लिए व्रत रखा जाता है।

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Goga Dev Puja Vidhi

Goga Dev Puja Vidhi

जयपुर। गांवों-शहरों में खासकर बारिश के मौसम में प्राय: सांप के काटने की घटनाएं होती रहती हैं जिनमें कई लोगों की जान भी चली जाती है। सर्पदंश की इन घटनाओं के बीच एक दिन ऐसा भी आता है जब सांप के काटने से बचने के लिए व्रत रखा जाता है।

भाद्रपद या भादों मास की कृष्ण पक्ष की नवमी अर्थात कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन यह व्रत रखा जाता है। इस दिन गोगा देवता की पूजा की जाती है। इस व्रत का इतना महत्व बताया गया है कि इसके प्रभाव से सांप काटते ही नहीं है। सर्पभय दूर भगाने के लिए भी यह व्रत फलदायक होता है। यह मान्यता है कि गोगादेव सर्पदंश से जीवन की रक्षा करते हैं। इसलिए इसदिन नाग देवता की पूजा भी की जाती है।

एक अन्य मान्यता के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पंचमी को भी गोगादेव की पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि गोगाजी राजस्थान के लोक देवता हैं। उनका जन्म राजस्थान के चौहान वंश में गुरु गोरखनाथ के वरदान से हुआ था। गोगाजी गुरु गोरखनाथ के परमशिष्य थे।

गोगाजी को सांपों के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि गोगा देव संतान के जीवन की रक्षा करते हैं। साथ ही वे सर्पदंश से भी मुक्ति दिलाते हैं। सर्पदंश से मुक्ति, संतान की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए गोगादेवता की पूजा की जाती है। पंडित दिनेश शर्मा के अनुसार गोगा नवमी के दिन गोगादेव की पूजा करें और साथ ही नाग की मूर्ति पर भी दूध चढ़ाएं।