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वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है यहां की अन्नकूट प्रसादी, लाखों लोग पतंग में बैठ पाते हैं प्रसादी

Golden Book of Records: 58 साल पहले मात्र 2.5 किलोग्राम अन्न के साथ जयपुर के खोले के हनुमानजी में अन्नकूट उत्सव की शुरुआत हुई, जो पिछले कुछ वर्षों से लक्खी अन्नकूट में बदल गया। वर्ष 2017 में 1.25 लाख लोगों के अनुशासित तरीके से पंगत में बैठ अन्नकूट प्रसादी पाई, जो कीर्तिमान बन गया।

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वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है यहां की अन्नकूट प्रसादी, लाखों लोग पतंग में बैठ पाते हैं प्रसादी

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है यहां की अन्नकूट प्रसादी, लाखों लोग पतंग में बैठ पाते हैं प्रसादी

Golden Book of Records: जयपुर। 58 साल पहले मात्र 2.5 किलोग्राम अन्न के साथ जयपुर के खोले के हनुमानजी में अन्नकूट उत्सव की शुरुआत हुई, जो पिछले कुछ वर्षों से लक्खी अन्नकूट में बदल गया। वर्ष 2017 में 1.25 लाख लोगों के अनुशासित तरीके से पंगत में बैठ अन्नकूट प्रसादी पाई, जो कीर्तिमान बन गया। इसे गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। अब खोले के हनुमानजी मंदिर में 13 नवम्बर को 62वां लक्खी अन्नकूट महोत्सव का आयोजन होगा।

हनुमानजी महाराज के साथ 61 मंदिरों में इस अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। इस बीच साम्प्रदायिक सौहार्द की मिशाल भी देखने को मिलेगी, मंदिर के पास स्थित हड्डीशाह बाबा की मजार भी अन्नकूट प्रसादी के साथ चादर चढ़ाई जाएगी। श्रीनरवर आश्रम सेवा समिति के (प्रन्यास) के अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि हनुमानजी महाराज के अन्नकूट भोग की महाआरती के बाद दोपहर 12.30 बजे से रात 11 बजे तक सर्वजाति, सभी धर्म के लोग पंगत में बैठ अन्नकूट प्रसादी ग्रहण करेंगे।

देवालयों में लगेगा 56 व्यंजनों का भोग
प्रसादी बनाने का काम शनिवार रात से शुरू होगा, जो रविवार रात तक निरंतर जारी रहेगा। पंगत प्रसादी वितरण से पहले लक्ष्मण डूंगरी के खोले में विराजे रामजी, हनुमानजी, अन्नपूर्णा, गायत्री व वैष्णो माता, द्वादश ज्योर्तिलिंग सहित सभी देवालयों में 56 व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। इस बार मंदिर में परम्परागत झांकियों के साथ शिव परिवार की बर्फ की झांकी भी होगी।

डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पाएंगे प्रसादी
उन्होंने बताया कि इस अन्नकूट में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पंगत में बैठ प्रसादी पाएंगे। इस आयोजन में जात—पात, छोटे—बड़े और अधिकारी—कर्मचारी, राजनेता सभी एक ही पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण करते है। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक ओम रावत ने बताया कि अन्नकूट में मूंग, चौला, बाजरा, चावल, गडमढ सब्जी, कढ़ी के साथ ही हलवा और भुजिए भी प्रसादी में शामिल होंगे।

मंदिरों में सजेगी झांकी
समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि उत्सव के दौरान रविवार को खोले के हनुमान जी के फल—सब्जी की झांकी, श्री आनन्देश्वर महादेव के अन्न की झांकी, सियाराम जी महाराज के छप्पन भोग की झांकी, श्री गणेश जी के लड्डुओं की झांकी आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इसके अलावा अन्नपूर्णा माता के मंदिर में विभिन्न व्यंजनों की झांकी, अन्नकूट स्थल पर शिव परिवार की बर्फ की झांकी, परिसर में मौजूद अन्य देवालयों में विभिन्न प्रकार की झांकियां सजाई जायेंगी।