PNG expansion: 54 हजार घरों तक डीपीएनजी पहुंचाने की तैयारी, कोटा में बिछी 21 किमी पाइपलाइन, राजस्थान गैस लिमिटेड के वार्षिक लेखों को मिली मंजूरी, नवाचार पर जोर।
CNG Stations in Rajasthan: जयपुर। राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान गैस लिमिटेड ने राज्य के औद्योगिक व व्यावसायिक क्षेत्रों में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के चेयरमैन और माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के सचिव टी. रविकान्त ने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की उपलब्धता में तीन गुना वृद्धि की जाएगी, वहीं दो नए सीएनजी स्टेशन भी जल्द शुरू किए जाएंगे।
राजस्थान गैस लिमिटेड की शुक्रवार को संचालक मंडल की वर्चुअल बैठक में वर्ष 2024-25 के अंकेक्षित वार्षिक लेखों का अनुमोदन किया गया। इस दौरान रविकान्त ने बताया कि वर्तमान में कोटा, कूकस और नीमराना सहित 18 सीएनजी स्टेशनों के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 54 हजार से अधिक घरों तक डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) सेवाएं पहुंचाने के लिए आधारभूत ढांचा विकसित कर लिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि कोटा में 300 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है, जिसमें से 21 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने सीएनजी और डीपीएनजी सेवाओं के दायरे को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता भी जताई।
आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि कंपनी ने नवाचार के तहत नीमराना में एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) स्टेशन की स्थापना का भूमि पूजन कर काम शुरू कर दिया है। इससे लॉन्ग डिस्टेंस हैवी व्हीकल्स को एलएनजी सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू गैस सुविधा को पाइपलाइन के माध्यम से दोगुने परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वहीं औद्योगिक व व्यावसायिक इकाइयों को पीएनजी से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।