
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
Jan Awas Yojana: राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री जन आवास योजना की नीति में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत योजना में आरक्षित 5 प्रतिशत सस्ते फ्लैट और प्लॉट केवल ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और एलआइजी (निम्न आय वर्ग) के पात्र लोगों को ही देने की व्यवस्था सख्ती से लागू की जाएगी। नई व्यवस्था में इन फ्लैट-प्लॉट के आवंटन का अधिकार बिल्डर-डवलपर्स से लेकर विकास प्राधिकरणों, नगर विकास न्यासों और नगर निकायों को देने की तैयारी है।
सरकार को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बिल्डर-डवलपर्स योजना के लाभ तो ले लेते हैं, लेकिन सस्ते आवास वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाते और कई मामलों में नियमों के विपरीत आवंटन भी किए गए। इसी को देखते हुए सरकार अब आवंटन प्रक्रिया अपने नियंत्रण में लेकर पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए नीति में बदलाव कर रही है।
वर्तमान में बिल्डर-डवलपर्स को अपने स्तर पर लॉटरी के जरिए आवंटन का अधिकार है। लेकिन शिकायतें मिली हैं कि कुछ योजनाओं में वास्तविक जरूरतमंदों की बजाय अपने चहेतों को सस्ते प्लॉट और फ्लैट आवंटित कर दिए गए।
आवेदन से लेकर आवंटन तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद कुछ मामलों में आवेदकों से डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर दस्तावेज जमा कराने के लिए दफ्तर बुलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जन आवास योजना-1ए के तहत बहुमंजिला इमारतों और दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली आवासीय योजनाओं में 5 प्रतिशत भूखंड या फ्लैट ईडब्ल्यूएस और एलआइजी वर्ग के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है।
जन आवास योजना में जो भी विसंगतियां हैं, उन्हें दूर कर रहे हैं। इसमें ईडब्ल्यूएस-एलआइजी के आवास आवेदन व आवंटन प्रक्रिया भी शामिल है। नई नीति जल्द जारी होगी, उसमें सभी दिक्कतें दूर हो जाएगी।
-झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास मंत्री
Published on:
17 Mar 2026 06:39 am
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