
जयपुर। राजस्थान के मुस्लिम समाज के लिए मुकद्दस सफर यानी हज यात्रा का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मक्का और मदीना की पाक यात्रा के लिए प्रदेश से हज यात्रियों का पहला जत्था 20 अप्रैल को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना होगा। केंद्रीय हज कमेटी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 अप्रैल से शुरू होने वाला यह सिलसिला 28 अप्रैल तक लगातार जारी रहेगा। इस वर्ष राजस्थान से कुल 3480 जायरीन खुदा की इबादत के लिए सऊदी अरब जाएंगे।
हज कमेटी के अनुसार सभी यात्रियों को उनके निर्धारित समूह और समय के हिसाब से अलग-अलग उड़ानों में बांटा गया है। 20 अप्रैल को पहली उड़ान के साथ ही जयपुर एयरपोर्ट पर जायरीनों की रवानगी का जश्न शुरू हो जाएगा। 28 अप्रैल तक चलने वाली इन उड़ानों के माध्यम से सभी 3480 यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से मक्का पहुंचाया जाएगा। यात्रियों को उनके उड़ान समय से कई घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने और रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रवानगी की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
हज यात्रा को लेकर जयपुर एयरपोर्ट और स्थानीय प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए एयरपोर्ट परिसर में विशेष प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी यात्री को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से असुविधा न हो। रवानगी से पूर्व होने वाली सभी कागजी कार्यवाहियों को सरल बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जायरीनों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए हैं। यहां 'गाइडेंस टीम' मौजूद रहेगी, जो बुजुर्ग और पहली बार यात्रा कर रहे लोगों को हर कदम पर जानकारी देगी। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे चिकित्सा सुविधा और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, यात्रियों के सामान की जांच और इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ की तैनाती की गई है।
हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को विदा करने के लिए राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में उनके परिजन और रिश्तेदार जयपुर पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट के बाहर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया है। हज कमेटी के स्वयंसेवक भी यात्रियों की मदद के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे, ताकि मरुधरा के ये जायरीन बिना किसी बाधा के अपनी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत कर सकें।
Published on:
19 Apr 2026 11:18 am
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