Hanuman Beniwal: किसान आंदोलन में हुई हिंसा पर RLP सांसद ने कह डाली ये बड़ी बात

किसान आंदोलन के समर्थन में जारी है रालोपा का ‘पड़ाव’, सांसद हनुमान बेनीवाल ने की 26 जनवरी की घटना की निंदा, आंदोलन को बिगाड़ने के लिए असामाजिक तत्वों का बताया कृत्य, कहा- ‘लाल किले पर तिरंगे का अपमान अफसोसजनक’

 

By: nakul

Published: 28 Jan 2021, 02:11 PM IST

जयपुर।

कृषि कानूनों के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में शाहजहांपुर बॉर्डर पर बेमियादी पड़ाव पर बैठे रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल ने 26 जनवरी को दिल्ली में उग्र हुए प्रदर्शन की निंदा की है। बेनीवाल ने कहा कि इस आंदोलन में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। इस आंदोलन को बिगाड़ने की मंशा से कुछ असामाजिक तत्वों ने ऐसा कृत्य किया है।

‘किसान नहीं कर सकता तिरंगे का अपमान’
सांसद बेनीवाल ने कहा कि लाल किले पर तिरंगे का अपमान अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि कोई किसान पुत्र तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता क्योंकि देश को आज़ाद करवाने में सबसे ज़्यादा भूमिका किसान के बेटों की ही रही है। आज भी किसानों के बेटे सीमाओं पर तैनात रहकर देश की रक्षा कर रहे हैं।

रालोपा सांसद ने कहा कि अभी किसान आंदोलन अहिंसात्मक तरीके से जारी रहेगा। अब ये देश का सबसे बड़ा आंदोलन होने के साथ ही जनांदोलन भी बन चुका है।

जारी रहेगा पड़ाव, बनेगी आगे की रणनीति
बेनीवाल ने कहा कि किसानों के समर्थन में रालोपा का पड़ाव अभी जारी रहेगा। पड़ाव स्थल पर ही किसान नेताओं और रालोपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में आगे की रणनीति बनाई जायेगी। उन्होंने आगामी दिनों में लोकसभा में भी किसानों के हित में पुरजोर तरीके से आवाज़ उठाने की बात कही।

शाहजहांपुर-खेड़ा बोर्डर पर डटे हुए हैं सांसद
सांसद हनुमान बेनीवाल तो केंद्र के कृषि कानून के विरोध में पिछले करीब एक महीने से भी ज़्यादा वक्त से धरने पर हैं। वे अलवर के शाहजहांपुर-खेड़ा बोर्डर पर अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ पड़ाव डाले हुए हैं। बेनीवाल भी इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक वे किसान आन्दोलन के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रखेंगे।

nakul Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned