
जयपुर
(Rajasthan Highcourt)हाईकोर्ट ने राजस्थान (Revenue board Ajmer)राजस्व मंडल अजमेर में सदस्यों और सरकारी वकीलों की नियुक्ति नहीं होने पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह ने यह अंतरिम आदेश बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य एडवोकेट कपिल प्रकाश माथुर की जनहित याचिका पर दिए।
याचिका में कहा है कि राजस्व बोर्ड में चेयरमैन सहित कुल 21 सदस्य होते हैं, लेकिन वर्तमान में मात्र 12 सदस्य ही कार्यरत हैं। जनवरी 2019 में राज्य सरकार ने वकील कोटे के दो सदस्यों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। जुलाई 2019 में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में पैनल ने साक्षात्कार भी ले लिए थे, लेकिन नियुक्ति अब तक नहीं हुई हैं। इसके अलावा सरकार बदलने पर पिछली सरकार में नियुक्त हुए 13 वकीलों को हटा दिया था, लेकिन नियुक्ति केवल छह वकीलों की ही हुई है। इनमें भी प्रशासनिक कार्यों के लिए नियुक्त होने वाले एक सीनियर वकील की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि राजस्व बोर्ड में 64 हजार मुकदमे लंबित हैं और इनकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में देरी के कारण राज्य की ग्रामीण जनता को विशेष तौर पर ज्यादा परेशानी हो रही है। इसलिए सदस्यों और सरकारी वकीलों के सभी रिक्त पदों को तत्काल प्रभाव से भरा जाए। अदालत ने याचिका की एक कॉपी महाधिवक्ता को देने और उन्हें सरकार की ओर से जवाब पेश करने के निर्देश देते हुए सुनवाई जनवरी में तय की है।
Published on:
19 Dec 2019 09:39 pm
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