
जया गुप्ता / जयपुर। कोटा स्थित जेकेलॉन अस्पताल में हुई 70 से अधिक नवजात बच्चों की मौत के मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ( health ministerraghu sharma ) ने बड़़ा बयान दिया है। शर्मा ने कहा कि डॉक्टर या मेडिकल स्टॉफ की लापरवाही या संक्रमण के कारण बच्चों की मौत नहीं हुई है। राज्य सरकार ( State Government ) की ओर से गठित कमेटी ने अपनी जांच में बच्चों की मृत्यु का कारण गंभीर रोग को माना। वहीं केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने भी केंद्र से डॉक्टर्स की टीम भेजी थी। वहां के दल ने भी अपनी रिपोर्ट में लापरवाही या इलाज में कमी नहीं मानी है।
हमने घोषणा की, भाजपा सरकार ने नहीं बढ़ाए बैड
शर्मा ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ( Congress Government ) ने साल 2012-13 में बजट में जेकेलॉन अस्पताल ( JK Lone Hospital ) में 60 शिशु व 60 महिला बैड की घोषणा की थी। इनकी स्वीकृति भी जुलाई 2012 को दे दई थी, लेकिन इसमें से केवल 45 बैड बढ़ाए गए। भाजपा सरकार ( BJP government ) के कार्यकाल में अस्पताल ने कई बार 20 करोड़ रुपए की स्वीकृति संसाधन बढ़ाने के लिए मांगी, मगर भाजपा सरकार ने नहीं दी और अब वे सांसद और विधायक कोटे से पैसा देने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2014 में अगस्त माह में एक दिन में 9, 7, 6, 8 बच्चों की मौत हुई। साल 2015 अगस्त माह में एक दिन में 10 बच्चों की मृत्यु हुई और पूरे महीने में 154 बच्चों की।
खराब परफोरमेंस वाले दस एनआईसीयू में 9 भाजपा शासित राज्यों के
शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने अपनी अंतिम रिपोर्ट अगस्त 2019 में खराब परफोरमेंस वाले 10 एनआइसीयू की सूची जारी की थी। जिनमें नौ भाजपा शासित राज्यों के थे। उत्तर प्रदेश के तीन, बिहार के 4, झारखण्ड के एक व गुजरात का एक एसएनसीयू शामिल है। केवल एक कांग्रेस शासित राज्य का एनआईसीयू का था।
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Published on:
01 Jan 2020 08:49 pm

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