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राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में आया नया मोड़, हाईकोर्ट ने सुना डाला ये आदेश

हाईकोर्ट ने विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुडे ऑडियो टेप को लेकर एसीबी कोर्ट में आरोपी संजय जैन के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और शिकायतकर्ता जलदाय मंत्री महेश जोशी को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया है।

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जयपुर

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Kirti Verma

May 20, 2023

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जयपुर. हाईकोर्ट ने विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुडे ऑडियो टेप को लेकर एसीबी कोर्ट में आरोपी संजय जैन के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और शिकायतकर्ता जलदाय मंत्री महेश जोशी को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया है।
न्यायाधीश बिरेन्द्र कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश संजय जैन की आपराधिक याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता विवेक राज बाजवा ने कोर्ट को बताया कि प्रकरण में एसीबी का कोई अपराध ही नहीं बनता है। मामले में पहले एसओजी में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी के बाद एसओजी ने मामले में राजद्रोह का अपराध नहीं होने की बात कहकर प्रकरण को एसीबी में भेजने को कहा था और अदालत में एफआर पेश कर दी थी। वहीं भ्रष्टाचार का अपराध नहीं बनने के बावजूद भी एसीबी ने उसके खिलाफ एसीबी कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया। जबकि, मामले में न तो कोई विधायक सामने आया है और ना ही मूल रिकॉर्डिंग पेश की गई है। ऐसे में एसीबी कोर्ट की कार्रवाई को रद्द किया जाए। इस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने एसीबी कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगा दी।

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महेश जोशी ने करवाई थी एफआईआर
विधानसभा के मुख्य सचेतक रहते हुए महेश जोशी ने 17 जुलाई, 2020 को एसओजी में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें कहा था कि 16 जुलाई को सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल हुए हैं, जिसमें चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए एमएलए की खरीद-फरोख्त की बात कही जा रही हैं। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एसओजी ने संजय जैन, अशोक सिंह चौहान एवं भरत कुमार मलानी को गिरफ्तार किया। हालांकि एसओजी ने 4 अगस्त को कोर्ट में कहा कि यह राजद्रोह का अपराध नहीं बनता है और इसे एसीबी में भेजा जाए। इसके बाद एसओजी ने मामले में एफआर पेश कर दी।

दूसरी ओर एसीबी ने इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज की। एसीबी ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर 6 अगस्त, 2020 को संजय जैन को पुन: गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसीबी की ओर से विशेष अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया। इसमें कहा गया कि 13 जुलाई, 2020 को संजय जैन के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया था। 15 जुलाई को संजय की दिवंगत एमएलए भंवरलाल शर्मा व केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र से बातचीत हुई थी और इसे रिकॉर्ड किया। एसीबी ने इसकी जांच सीएफएसएल हैदराबाद-तेलंगाना में करवाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संजय जैन सहित अन्य को आरोपी माना गया। वहीं एमएलए भंवरलाल शर्मा का 9 अक्टूबर, 2022 को निधन हो गया है और इसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई को ड्रॉप किया गया है।

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