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संघ की तर्ज पर चली भाजपा, 15 से निकलेंगे विस्तारक

- भाजपा ने प्रत्येेक विधानसभा क्षेत्र में विस्तारक लगाने का किया निर्णय- जनता के बीच जाएंगे और यह माहौल बनाएंगे कि उम्मीदवार को नहीं, कमल के फूल को देख कर दें वोट- प्रत्येह माह में बीस से पच्चीस दिन विधानसभा में रहेंगे विस्तारक

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Bjp

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जयपुर।
भाजपा को मजबूत करने के लिए पार्टी नेताओं ने संघ की तर्ज पर काम करने का निर्णय किया है। संघ में जहां प्रचारक होते हैं, भाजपा में उसी तर्ज पर विस्तारक बनाए गए हैं। प्रत्येक विधानसभा में एक विस्तारक लगाने का निर्णय किया गया है। यह विस्तारक अगले छह माह उनकी प्रभार वाली विधानसभा में रहेंगे और संगठन को मजबूत देने का काम करेंगे। पन्द्रह जून के आसपास इन विस्तारकों को अपने प्रभार वाले विधानसभा में भेज दिया जाएगा।
पार्टी पिछले करीब एक साल से विस्तारकों को प्रशिक्षण दे रही है। अब तक सौ विस्तारक तैयार किए गए हैं। यह विस्तारक पूर्ण रूप से संगठन का काम करेंगे। टिकट किसको मिलना चाहिए या किसको नहीं। इनको इस जिम्मेदारी से दूर रखा गया है, लेकिन प्रभार वाली विधानसभा में प्रभावशाली नेता कौन हो सकता है। इसकी रिपोर्ट जरूर ये प्रदेश नेतृत्व को देंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी विस्तारकों से कहा गया है कि वे विधानसभा में जाकर सबसे पहले बूथ स्तर से काम शुरू करेंगे। बूथ पर २१ लोगों की टीम है या नहीं। यदि है तो वह सक्रिय है या नहीं। इन सब का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करें। इसके बाद मंडल की टीम काम कर रही है या नहीं। इसकी रिपोर्ट बनाकर देनी होगी। यदि कोई कार्यकर्ता या उसकी टीम निष्क्रिय होगी तो विस्तारकों की सिफारिश पर उनको बदल दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक बूथ पर एेसे नेताओं और प्रमुख कार्यकर्ताओं की सूची भी बनाने का काम करना होगा, जो पार्टी से किसी ना किसी बात से नाराज चल रहे हैं। इन नेताओं की सूची बनाकर इनसे निजी तौर पर मिलना होगा और उनकी नाराजगी की वजह जाननी होगी।

उम्मीदवार से ज्यादा कमल के फूल को मजबूती देंगे
विस्तारकों को सबसे महत्वपूर्ण काम यह दिया गया है कि वे जनता के बीच जाकर उनका मन इस बात के लिए मजबूत करेंगे कि उनको उम्मीदवार को नहीं। कमल के फूल को देखकर वोट देना है। संगठन के नेताओं ने विस्तारकों पर इसी बात का सबसे ज्यादा जोर दिया है। पार्टी का मानना है कि एंटी इंकंबेंसी और निजी विरोध के चलते कई बार पार्टी के कार्यकर्ता चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार के साथ नहीं लगते, जिस वजह से पार्टी उम्मीदवार जीत नहीं पाता। इस मानसिकता को बदलने के लिए ही विस्तारकों को काम करना होगा।