
जयपुर. होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन के हर रंग को खुलकर जीने की एक परंपरा है। जयपुर के परकोटे की गलियों में होली का खुमार। हर ओर गुलाल की बौछारें, ढोल-नगाड़ों की गूंज और उल्लास से भरी भीड़… इसी बीच विदेशी युवतियां खुद को इस आनंद में शामिल होने से रोक न सकी। बाबा श्याम की पदयात्रा के दौरान जब आसमान में गुलाल उड़ा, तो उसने झट से अपना फोन निकाला और एक रंगीन सेल्फ़ी कैद कर ली। वह शायद पहली बार भारतीय त्योहारों की इस अनूठी छटा को इतने करीब से देख रही थी, जहां रंग केवल चेहरे पर नहीं, बल्कि दिलों में बस जाते हैं। यहां हर कण में खुशियों की चमक, हर मुस्कान में अपनापन और हर लम्हे में उत्सव की मिठास थी।
आराध्य देव गोविंददेव जी मंदिर के सत्संग भवन में 7 से 9 मार्च तक होलिका उत्सव का आयोजन होगा। इसमें सौ से अधिक कलाकार फाल्गुनी भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में तीन दिवसीय होलिकोत्सव में तीनों दिन कलाकार ठाकुर श्रीजी के समक्ष भजनों और नृत्य से हाजिरी लगाएंगे। दोपहर 12.30 से शाम 4.30 बजे तक होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपरान्ह 3 से 4.30 बजे तक रचना झांकी के दर्शन होंगे। कार्यक्रम संयोजक गौरव झालानी ने बताया कि सात मार्च को जगदीश शर्मा, कुंज बिहारी जाजू, नवीन शर्मा, कुमार नरेन्द्र, कमल कांत कौशिक, ईश्वर दत्त माथुर, शंकर गर्ग सहित अन्य फाल्गुनी भजनों की प्रस्तुतियां देंगे। इससे पहले आज ब्रजरस फाग उत्सव मनाया जा रहा है। विट्ठल महाराज होली रसिया का गायन करेंगे। इस मौके पर स्वांग होली, लट्ठमार होली और फूल फाग होली खेली जाएगी।
Published on:
06 Mar 2025 11:33 am
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