
जयपुर। भद्रा के साए में सोमवार शाम को शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। महज 12 मिनट का समय लोगों को मिला और इस समयावधि में ही होली मंगळाई गई। इस दौरान लोगों ने परिवार की खुशहाली की कामना की और बड़ों का आशीर्वाद लिया। शहर में जगह-जगह चौराहों पर होलिका दहन किया गया। शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 38 मिनट तक ही दहन का मुहूर्त था।
चौराहों पर दोपहर में ही होलिका दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई थी। महिलाएं समूह में चौराहों पर शाम को पूजन करने पहुंची। इसके बाद होलिका दहन किया गया। धर्म शास्त्रों में प्रदोषकाल व्यापिनी पूर्णिमा पर गोधूली बेला में होलिका का दहन किया जाता है। इस पर होलिका दहन के समय यही संयोग बना है।
भारत के पूर्वी राज्यों में पूर्णिमा दो दिन प्रदोष व्यापिनी रहेगी, ऐसे में उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर-पूर्वी छत्तीसगढ़, झारखण्ड, बिहार, उड़ीसा, असम आदि भारत के पूर्वी राज्यों में 7 मार्च को होलिका दहन होगा। उधर, पर्यावरण संरक्षण और गो संवर्धन के लिए पिछले तीन साल से गोकाष्ठ से होलिका दहन की परंपरा चली है। इस बार दावा किया जा रहा है कि जयपुर में 2650 जगहों पर गोकाष्ठ से होलिका दहन किया जा रहा है।
सिटी पैलेस में भी होलिका दहन
जयपुर में सिटी पैलेस में भी सोमवार को ही होलिका दहन किया गया। यहां शुभ मुहूर्त में शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 38 मिनट के बीच ही होली मंगळाई गई। मान्यता है कि यहां की होली की आग से ही शहर में अन्य जगहों पर होलिका दहन किया जाता है।
Published on:
06 Mar 2023 07:30 pm
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