
गंगापुरसिटी।
दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने और मुकदमा दर्ज कराने के बाद राजीनामे का दबाव बनाकर मोटी रकम ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। हनी ट्रेप के इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने फुलवाड़ा निवासी झण्डूराम मीना व मंडावरी निवासी खेमराज मीना को गिरफ्तार किया है। उनसे 5 लाख रुपए, 25 लाख के चेक बरामद किए हैं। ब्लैकमेलिंग में सहयोग के आरोप में 2 महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र फौजदार ने बताया कि गिरोह का मुखिया झण्डूराम है। गिरोह ने नाबालिग लड़की के माध्यम से जयपुर के एक ठेकेदार को फंसाया। उससे 20 लाख रुपए और 25 लाख के चेक लेने के बाद और रुपए मांग रहे थे। पीडि़त ठेकेदार ने सवाईमाधोपुर पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को एक होटल से पकड़ा।
क्या है हनी ट्रेप?
जैसा नाम से ही जाहिर है हनी यानि शहद और ट्रैप मतलब जाल। एक ऐसा मीठा जाल जिसमें फंसने वाले को अंदाजा भी नहीं होता कि वो इस जाल में कैसे फंस गया है और किसका शिकार बनने वाला है। युवतियों की मदद से 'शिकार' को योजनाबद्ध तरीके से हुस्न के जाल में फंसाया जाता है। फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल। 'शिकार' को जाल में ऐसा फांस लिया जाता है कि उसे छोड़ने के लिए कहीं लाखों तो कहीं करोड़ों तक की डिमांड की जाती है।
ऐसे फांसते हैं 'शिकार'
हनी ट्रेप के कई मामलों में सामने आया है कि 'शिकार' को फांसने और उसका भरोसा हासिल करने के लिए सबसे पहले मोबाइल नंबरों का आदान प्रदान होता है। फिर वत्स एप या फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के साधनों के ज़रिये युवतियां चैटिंग करती हैं। कई मामलों में सामने आया है कि 'शिकार' को हुस्न के जाल में फंसाने के लिए चैटिंग के दौरान अंतरंग तस्वीरें, बेहद निजी राज शेयर किये जाते हैं। फिर इन्हें ब्लैकमेल करने में इस्तेमाल किया जाता है।
Updated on:
12 Jun 2018 07:14 am
Published on:
12 Jun 2018 07:09 am
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