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जयपुर में मिले गायों के कटे हुए सिर और हड्डियां, हुआ हंगामा और हाईवे जाम, अलर्ट मोड पर पुलिस-प्रशासन

राजधानी में गायों के कटे सिर और हड्डियों के ढेर मिले। मामला कालवाड़ के कंवर का बास स्थित बांडी नदी के पास का है।

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जयपुर। राजधानी में गायों के कटे सिर और हड्डियों के ढेर मिले। मामला कालवाड़ के कंवर का बास स्थित बांडी नदी के पास का है। बड़ी संख्या में मृत गौवंश मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने जयपुर-नागौर-जोधपुर हाईवे को जाम कर दिया। रात तक लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से अवैध रूप से गौ-काटान हो रहा है।

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों के अनुसार नदी किनारे सैकड़ों की संख्या में गौवंश के अवशेष दिखाई दे रहे थे। कई जगह कटे सिर, खाल और हड्डियां बिखरी हुई थी। पास में तराजू, रिक्शा और अन्य सामान मिलने से ग्रामीणों का संदेह और गहरा हो गया। उनका कहना है कि यह केवल मृत पशुओं को फेंकने का मामला नहीं, बल्कि किसी बड़े अवैध बूचड़खाना का संकेत है।

गौ पालन मंत्री जोराराम बोले, कलक्टर से लेंगे रिपोर्ट

मामला बढ़ने पर गौ पालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि वह जयपुर कलक्टर से पूरी रिपोर्ट मांगेंगे। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सरपंच बोले, पुलिस आंखें मूंदकर बैठी

कालवाड़ सरपंच त्रिवेंद्र सिंह राजावत ने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सरपंच का आरोप है कि अवैध तरीके से बूचड़खाना चल रहा है और पुलिस इस पर आंखें मूंदकर बैठी है। उनका कहना है कि कई महीनों से इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर सैकड़ों की संख्या में गायों की हड्डियां और कटे हुए सिर मिले। जिसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कलक्टर बोले: मामले की जांच जारी

जिला कलक्टर जितेंद्र सोनी ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही जांच शुरू करा दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस पहले ही मौके का निरीक्षण कर चुकी है और तथ्यों की जांच की जा रही है।

डीसीपी वेस्ट ने कहा, कोई बूचड़खाना नहीं चल रहा

दूसरी तरफ डीसीपी वेस्ट हनुमान मीणा ने कहा कि क्षेत्र में कोई अवैध बूचड़खाना नहीं चल रहा है। मृत मवेशियों को निस्तारित करने के लिए ठेका दिया जाता है। ठेकेदारों द्वारा मृत पशुओं के अवशेष यहां फेंके गए हैं। उन्होंने कहा कि गायों को काटकर फेंकने की बात गलत है, लेकिन संदेह दूर करने के लिए एफएसएल जांच कराई जाएगी।