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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने पर ही शादी करूंगा, आखिर 33 साल बार पूरा हुआ स्वयं सेवक का संकल्प, अयोध्या में ही लिए फेरे

Rajasthan News:रामलला के जो मालाएं अर्पित की गई उनको नव दम्पत्ति ने एक दूसरे को पहनाया।

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wedding in ayodhya

Rajasthan News: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश भर में लोगों ने कई संकल्प लिए और अब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद उनके ये संकल्प पूरे हुए है। इन तमाम लोगों में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी शामिल रहे। उनके बाद अब जयपुर से एक और कार सेवकर का संकल्प पूरा हुआ है। उन्होनें प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक मंदिर नहीं बनेगा तब तक शादी नहीं करेंगे, अब करीब पचास की उम्र में उन्होनें अयोध्या में फेरे लिए हैं। परिवार खुश है, घर के बड़े बुजुर्ग उत्साहित है कि घर के बेटे ने आखिर शादी कर ही ली। ये दूल्हे राजा है जयपुर के रहने वाले डा. महेन्द्र भारती।

महेन्द्र भारती आरएसएस से भी जुड़े रहे हैं। उनका कहना था कि जिस समय उनकी उम्र शादी के करीब थी उस समय अयोध्या में बवाल हुआ। कार सेवकों की हत्याएं की गई, गोलियां चलीं। मन इतना व्यथित हुआ कि अयोध्या जाने की तैयारी कर ली। हांलाकि परिवार की जिम्मेदारियों और अन्य कारणों से ये संभव नहीं हुआ तो फिर प्रण लिया कि जब तक राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाएगा तब तक शादी नहीं करूंगा। जबकि उस समय उम्र शादी की थी। उस समय शादियां भी जल्दी हो जाती थीं।

डा. महेन्द्र ने आखिर अब अयोध्या में जाकर शादी की है। रामलला के जो मालाएं अर्पित की गई उनको नव दम्पत्ति ने एक दूसरे को पहनाया। उन्होनें कारसेवकपुर परिसर में फेरे लिए। उनकी पत्नी शालिनी गौतम हैं। वे विश्वविद्यालय में लेक्चरार हैं। नव युगल का कहना था कि शादी के लिए इससे बेहतर अवसर क्या हो सकता था। सपना पूरा हुआ कि अयोध्या मे आकर शादी की है। उल्लेखनीय है महेन्द्र गौतम करीब बीस सालों तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। कई बड़े आंदोलनों में वे संघ के साथ रहे ।