
Artii Dogra - File PIC
IAS Aarti Dogra Success Story: राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा (IAS Aarti Dogra) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी काबिलियत के दम पर दुनिया के लिए मिसाल पेश करने वाली आरती डोगरा के सामने इस बार कानून की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राजस्थान हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। आइए जानते हैं फर्श से अर्श तक पहुँचने वाली इस अफसर की कहानी और वर्तमान विवाद की पूरी परतें।
उत्तराखंड के देहरादून में जन्मी आरती डोगरा की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। जन्म के समय डॉक्टरों ने उनके माता-पिता (कर्नल राजेंद्र और कुसुम डोगरा) से कहा था कि आरती शायद कभी सामान्य स्कूल नहीं जा पाएंगी।
लेकिन आरती ने अपनी शारीरिक सीमाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के आड़े नहीं आने दिया। दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने साल 2005 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास की और 56वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।
2006 बैच की आईएएस आरती डोगरा ने राजस्थान में अपनी सेवा के दौरान कई क्रांतिकारी बदलाव किए। बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए उन्होंने 'बांको बिकाणों' अभियान चलाया, जिसने जिले को खुले में शौच से मुक्त करने में बड़ी भूमिका निभाई। इस अभियान की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। वह अजमेर, बूंदी और बीकानेर की कलेक्टर रहने के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री की सचिव जैसी अहम जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं।
वर्तमान में डिस्कॉम चेयरमैन और CMD के पद पर तैनात आरती डोगरा के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने आरके मीणा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए।
एक ओर जहां आरती डोगरा लाखों यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए 'आइकन' रही हैं, वहीं दूसरी ओर हाई कोर्ट की यह टिप्पणी और जांच के आदेश उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण मोड़ माने जा रहे हैं। हालांकि, उनके वकील आर. एन. माथुर का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं और मामला अनुशासनात्मक समिति के विचाराधीन है। अब सबकी नजरें ACB की उस रिपोर्ट पर हैं, जो इस तेजतर्रार अफसर के भविष्य की दिशा तय करेगी।
Updated on:
24 Apr 2026 01:06 pm
Published on:
24 Apr 2026 09:20 am
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