
जयपुर। ट्रेनी आरएएस, मेडिकल स्टूडेंट, ऑपरेटर, डॉक्टर के बाद अब एक सीनियर आईएएस की आरएएस पत्नी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाई गई है। इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत सीनियर महिला अधिकारी के भी इसकी चपेट मे आने के बाद चिकित्सा विभाग में खलबली मच गई। विभाग के आला अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। इधर, राजधानी में एक के बाद एक स्वाइन फ्लू के लगातार नए मरीज सामने आने के बाद सामने आया है कि खुद सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी ही स्वाइन फ्लू के टीके लगवाने में लापरवाही बरत रहे हैं। जयपुर जिले में स्वाइन फ्लू के रविवार को 18 नए मरीज मिले हैं।
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन का दावा है कि स्वाइन फ्लू मरीजों के संपर्क में रहने वाले सभी स्टाफ और डॉक्टरों को यह टीका लगवाने के निर्देश दिए हुए हैं। लेकिन इसके बावजूद सभी अपनी इच्छानुसार ही टीके लगवा रहे हैं। इस समय एसएमएस में मेडिसिन विभाग के अधीन स्वाइन फ्लू के मरीज देखे जा रहे हैं। हालांकि इन मरीजों के लिए अलग से आउटडोर, वार्ड और आईसीयू की व्यवस्था है। जिनमे करीब 100 की संख्या में 24 घंटों के दौरान अलग अलग समय में ड्यूटी दे रहे हैं।
मास्क भी खरीदने के निर्देश
एसएमएस अस्पताल के सीनियर डॉक्टर के पॉजीटिव पाए जाने और अधीक्षक के वायरल बुखार होने के बाद अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल कर्मियों के लिए अतिरिक्त मास्क खरीदने के निर्देश दिए है। रविवार को एसएमएस ओपीडी में भी मास्क वितरित किए गए।
सबके जबरन नहीं लगवा सकते टीके - प्राचार्य
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.यू एस. अग्रवाल का कहना है कि एसएमएस में अस्पताल के स्टाफ के लिए स्वाइन फ्लू का टीका नि:शुल्क लगवाने की व्यवस्था है। हालांकि कई स्टाफ नहीं लगवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो स्टाफ स्वाइन फ्लू मरीजों के संपर्क में है, उन्हें खुद ही आगे बढ़कर इसे लगवा लेना चाहिए। जिससे की इसका संक्रमण फैले नहीं। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ.हरिशंकर का कहना है कि जिले में 18 नए मरीज मिले हैं। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों के घरों के आस पास और संपर्क में आने वाले अन्य लोगों की स्क्रीनिंग कर आवश्यक दवा दी जा रही है।
Updated on:
24 Dec 2017 08:38 pm
Published on:
24 Dec 2017 07:12 pm
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