
जयपुर। प्रदेश में भले ही एसीएस का पद रिक्त नहीं हो लेकिन खान महाघूसकांड में फंसे आईएएस अशोक सिंघवी को शीघ्र ही इस पद पर पदोन्नति मिल सकती है। कार्मिक विभाग ने इसकी फाइल सरकार को भेज दी है। सरकार ने हाल ही भारतीय सेवा के 103 अफसरों को पदोन्नत किया है। इसमें 1987 बैच की नीलकमल दरबारी और वीनू गुप्ता को एसीएस बनाया गया। इसके बाद प्रदेश में 18 एसीएस नियुक्त हो चुके हैं जबकि स्वीकृत पद 13 ही हैं। दरबारी और गुप्ता से वरिष्ठ 1983 बैच के आईएएस अशोक सिंघवी, 1985 बैच के रविशंकर श्रीवास्तव और गिरिराज सिंह के प्रमोशन आदेश नहीं हुए।
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सूत्रों ने बताया कि खान महाघूसकांड के कारण सिंघवी सितम्बर 2015 से 3 अगस्त 2017 तक निलंबित रहे। ऐसे में गत दो वर्षों में स्क्रीनिंग के दौरान उनके नाम का लिफाफा बंद रखा जा रहा था। केन्द्र से अभियोजन स्वीकृति के बाद सरकार ने उन्हें 4 अगस्त 2017 को बहाल कर दिया। इसके बाद उनका लिफाफा खोला गया। इसमें उनके प्रमोशन की अनुशंसा की गई, जिसे अब स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि बहाल होने और अभियोजन स्वीकृति आने के बाद सरकार के पास भारतीय सेवा के अफसर का प्रमोशन रोकने का कोई कारण नहीं बचा है। फिर भी मामले में अंतिम निर्णय सरकार को करना है।
कार्मिक विभाग के इन दो अफसरों के प्रमोशन को हरी झंडी
केन्द्र सरकार ने पद के दुरुपयोग मामले में आईएएस गिरिराज सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं दी। ऐसे में अब उनके प्रमोशन का रास्ता भी साफ हो गया है। वहीं आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में आरोपित आईएएस रवि शंकर श्रीवास्तव के प्रमोशन को लेकर कैट ने उनके लिए एक सीट सुरक्षित रखने का आदेश दे रखा है। ऐसे में कार्मिक विभाग ने इन दोनों अफसरों के प्रमोशन के लिए सरकार से स्वीकृति मांगी है।
Published on:
04 Jan 2018 09:25 pm
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