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इस तरह खुद ही चाइनीज मांझा बनाना सीख रहे हैं इस तरह से लोग, कैसे रोकेगी पुलिस

In this way, people are learning how to make Chinese manjha themselves, how will the police stop...दरअसल लोग चाइनीज मांझे को आन लाइन तलाश करना शुरू कर चुके हैं। लोगों ने यू ट्यूब पर चाइजीन मांझा बनाने की विधी तक तलाश करना शुरू कर दिया है और बड़ी बात ये है कि इसका जवाब भी उनको मिल रहा है। मोना काइट मांझा ...

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देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध bareilly manjha कारोबार बदहाल

जयपुर Chiness Manjha चाइनीज मांझे ने जयपुर में मकर संक्रांति से पहले ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। चार साल के बच्चे ने अपनी जान देकर प्रशासन को इस बारे में सोचने पर फिर से मजबूर किया है। चाइनीज मांझे से दिल्ली में ही एक महीने में चार लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही दो दर्जन से भी ज्यादा मुकदमें दर्ज हो चुके हैं। दिल्ली के बार अब जयपुर चाइनीज मांझे के निशाने पर है। दिल्ली में हर साल पंद्रह अगस्त को पतंगबाजी होती है और इस दौरान पतंग—डोर की सैंकड़ों अस्थायी दुकानें सजती है। जयपुर पुलिस का भी मानना है कि मांझे की सप्ताई दिल्ली से भी होती है। जयपुर के बाद दिल्ली ही है जहां सबसे ज्यादा पतंगबाजी होती है।

पहले बाहर से आता था मौत का मांझा, अब यहीं बन रहा
जयपुर और दिल्ली में पतंगों का कारोबार करने वाले हांडीपुरा निवासी पतंग कारोबारी ने बताया कि उनका परिवार सालों से इस काम में है। सात से आठ साल पहले मौत का यह मांझा चाइनीज डोर के नाम से बाजार में बिकना शुरु हुआ था। उस समय किसी को पता नहीं था कि यह इतनी जानें ले लेगा। पहले यह बाहर देश से आता था लेकिन अब जयपुर और अधिकतर दिल्ली में इसे चोरी छुपे बनाया जाता है। दिल्ली के नरेला, सोनिया विहार, उत्तम नगर, तेहखंड, गाजियाबाद के लोनी और गौतमबुद्ध नगर में चीनी मांझा बनाया जाता रहा है। वहीं जयपुर में दिल्ली रोड पर कई इलाकों में पुलिस की छापेमारी में यह मांझा बरामद हो चुका है।

दिल्ली की पतंगाबजी हुई, अब जयपुर का नंबर
दिल्ली में मौत के इस मांझे ने इसी साल चार जानें ले ली हैं और कईयों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। दिल्ली में इसी साल अगस्त के महीने में तीन युवकों की मौत चाइनीज मांझे से हो गई। एक युवक की मौत इसी साल अप्रेल में चाइनीज मांझे से कटने के दौरान हो गई। स्वतंत्रता दिवस ने दिल्ली में तो पतंगबाजी मना दी लेकिन अब जयपुर का नंबर है। जयपुर में चाइनीज मांझे से मौतों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसा नहीं है कि पुलिस कार्रवाई नहीं करती, दिल्ली में अगस्त में कुछ ही दिनों में तीस मुकदमें चाइनीज मांझे बेचने के दर्ज किए जा चुके हैं। हांलाकि जयपुर मे अभी तक इस सीजन में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

कैसे रोकेगी पुलिस, लोग यू ट्यूब पर सीख रहे हैं चाइनीज मांझा बनाना
देश भर की पुलिस के सामने ही चाइनीज मांझा बनाने और इसे इस्तेमाल करने वालों को रोकना चैलेंज से कम नहीं है। दरअसल लोग चाइनीज मांझे को आन लाइन तलाश करना शुरू कर चुके हैं। लोगों ने यू ट्यूब पर चाइजीन मांझा बनाने की विधी तक तलाश करना शुरू कर दिया है और बड़ी बात ये है कि इसका जवाब भी उनको मिल रहा है। मोना काइट मांझा के नाम से चाइनीज मांझे के वीडियो कुछ युवा यू ट्यूब पर डाल रहे हैं। यहां तक कि चैनल को पचास लोगों से सबस्क्राइब करवाने पर ये युवा मांझे की होम डिलेवरी तक कर रहे हैं।

आन लाइन मिल रहा आठ सौ रुपए का रोल
यू ट्यूब के अलावा चाइनीज मांझा आन लाइन शॉपिंग साइट्स पर भी बिक रहा है। सादा मांझे के साथ ही इस मांझे को भी आन लाइन बेचा जा रहा है। जहां सादा मांझे की चरखी तीन सौ से सात सौ रुपए में बेची जा रही है। वहीं चाइनीज डोर का रोल आठ सौ रुपए में एक बिक रहा है। हांलाकि इस रोल पर चेतावनी लिखी गई है कि यह पतंगबाजी के लि मुफीद नहीं है।

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