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Ind vs SA Flashback: वर्ल्ड कप में आमना-सामना आज, लेकिन क्या याद है जयपुर में सांसें थमा देने वाली वो ‘ऐतिहासिक’ भिड़ंत?

आज जब ICC पुरुष T-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आमने-सामने हैं, तो क्रिकेट प्रेमियों की यादें ताज़ा होना स्वाभाविक है। हालांकि जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS) ने अब तक भारत-दक्षिण अफ्रीका टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी नहीं की है, लेकिन इसी मैदान पर आज से 16 साल पहले एक ऐसा वनडे मुकाबला खेला गया था, जिसकी रोमांचक कहानी आज भी राजस्थान के क्रिकेट गलियारों में सुनाई जाती है।

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जयपुर। टीम इंडिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच आज 22 फरवरी 2026 को जब वर्ल्ड कप का महामुकाबला होने जा रहा है, तो राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों को साल 2010 की वह फरवरी याद आ रही है। जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम उस दिन गवाह बना था वनडे क्रिकेट के सबसे रोमांचक अंत का। 21 फरवरी 2010 को खेले गए इस मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को मात्र 1 रन से हराया था। यह जीत इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि मैच की आखिरी गेंद तक कोई नहीं जानता था कि बाजी किसके हाथ लगेगी।

सवाई मानसिंह स्टेडियम का वो ऐतिहासिक स्कोर बोर्ड

टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की शुरुआत वीरेंद्र सहवाग की बदौलत तूफानी रही। सहवाग ने मात्र 37 गेंदों पर 46 रन कूट दिए। हालांकि, मध्यक्रम में विकेट जल्दी गिरे, लेकिन सुरेश रैना (58 रन) और दिनेश कार्तिक (44 रन) की संयमित पारियों ने भारत को 298/9 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। विराट कोहली ने भी उस दिन 31 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

जैक कैलिस का मास्टरक्लास और जयपुर का सन्नाटा

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की ओर से ऑलराउंडर जैक कैलिस ने मोर्चा संभाला। कैलिस ने 89 रनों की शानदार पारी खेलकर मैच को भारत की पकड़ से दूर कर दिया था। एक समय ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका आसानी से इस मैच को जीत लेगा। जब स्कोर 225/8 था, तो भारतीय फैंस जीत का जश्न मनाने लगे थे, लेकिन असली रोमांच अभी बाकी था।

पारनेल और स्टेन की वो 'खतरनाक' साझेदारी

हार मान चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए पुछल्ले बल्लेबाजों वेन पारनेल (49 रन) और डेल स्टेन (35 रन) ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों ने 9वें विकेट के लिए महज 38 गेंदों में 65 रनों की तूफानी साझेदारी कर डाली। अचानक जयपुर के स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया। मैच की अंतिम 6 गेंदों पर दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए कुछ ही रनों की दरकार थी।

अंतिम गेंद का 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा और धोनी का रन-आउट

मैच की आखिरी गेंद पर दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 3 रनों की जरूरत थी। स्ट्राइक पर वेन पारनेल थे। जैसे ही गेंद फेंकी गई, बल्लेबाजों ने रन के लिए दौड़ लगाई। पहला रन पूरा हुआ, लेकिन दूसरे रन के लिए भागते हुए धोनी और श्रीसंत की फुर्ती ने पारनेल को रन-आउट कर दिया। दक्षिण अफ्रीका 297 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 1 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

रवींद्र जडेजा: जयपुर की जीत के 'रियल हीरो'

उस दिन सवाई मानसिंह स्टेडियम में 'सर' रवींद्र जडेजा का जादू सिर चढ़कर बोला था। उन्होंने न केवल 22 महत्वपूर्ण रन बनाए, बल्कि अपने 10 ओवर के कोटे में मात्र 29 रन देकर 2 बड़े विकेट झटके। उनकी इसी किफायती और घातक गेंदबाजी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया था।