
जयपुर। ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन से कई हमले किए। लेकिन, भारतीय सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। सेना के अधिकारियों की मानें तो जैसलमेर और पोकरण में सेना के ठिकानों पर ड्रोन से स्वार्म अटैक की कोशिश की गई थी। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर स्वार्म अटैक क्या होता है और भारतीय सेना ने इस हमले कैसे दिया है।
बता दें कि पाकिस्तान ने पहले बीकानेर के नाल, बाड़मेर के उत्तरलाई और फलोदी एयरबेस पर मिसाइल अटैक किया था। इसके अगले दिन रात को जैसलमेर और श्रीगंगानगर में 56 ड्रोन हमले किए थे। जिन्हें भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी तरह नाकाम कर दिया था।
पत्रिका डॉट कॉम से खास बातचीत में भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर धीमान ने बताया कि स्वार्म अटैक में बहुत सारे छोटे-छोटे ड्रोन झुंड के रूप में आते हैं, जो मधुमक्खियों के झुंड जैसा दिखते है। ड्रोन की संख्या कम से कम 10 से 15 और 100 से 150 के बीच भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ड्रोन के झुंड का आकार इतना छोटा होता है कि ये सुरक्षा तंत्र को भी चकमा दे सकते हैं। लेकिन, पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत को रोकने के लिए भारत की सीमाओं पर सुरक्षा तंत्र पूरी तरह अलर्ट है। यही वजह रही कि इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन देश के रॉकेट-मिसाइल को हवा में ही तबाह कर दिया।
एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की मदद से पहले दुश्मन देश की तरफ से आने वाले रॉकेट, मिसाइल या ड्रोन को पहले डिटेक्ट किया जाता है। इसके बाद उसके मूवमेंट को लॉक किया जाता है और मिसाइल की मदद से हवा में ही मार गिराया जाता है। यह टेक्नोलॉजी बेहद सोफिस्टिकेटेड मानी जाती है। एस-400 एसएएम लंबी दूरी का सरफेस टू एयर सिस्टम है। यह जमीन पर तैनात रहता है और मिसाइल फायर कर दुश्मन के रॉकेट-मिसाइल को हवा में तबाह कर देता है।
बता दें कि पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण बने हुए है। ऐसे में भारत की सीमाओं पर ‘सुदर्शन चक्र’ तैनात है। रूस से लाए गए लॉन्ग रेंज एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का नाम ‘एस-400 एसएएम’ है। जो पाकिस्तान के पास मौजूद चीन के एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम एचक्यू-9 से कई गुना बेहतर है। साथ ही पाकिस्तान से आने वाली किसी भी मिसाइल को मिट्टी में मिलाने में सक्षम है।
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Published on:
09 May 2025 03:01 pm
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