
भले ही आज पूरा देश डिजिटल इंडिया की बातें कर रहा हो लेकिन राज्य की राजधानी जयपुर से सटे कुछ इलाकों में रहने वाली महिलाएं आज भी मूलभूत सुविधाएं पाने के लिए तरस रही है। ऐसा ही एक कस्बा है डालूवाला जो जयपुर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यहां के जो हालात है उसे देखकर आप खुद हेरान रह जाए। इस कस्बे में ना तो बिजली है, ना पानी है और ना ही जरुरी स्वास्थ्य सेवाएं। ऐसे में यहां की महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
डालूवाला की रहने वाली ममता ने अपनी व्यथा बताते हुए कहती हैं कि वह आठ माह की गर्भवती हैं और उन्हें अब भी डॉक्टर को दिखाने के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलकर जाना होता है। वह न केवल पैदल जाती है, बल्कि वापस भी पैदल ही लौटती है, यानी एक बार उसके सरकारी डिस्पेंसरी जाने का मतलब है पूरे 10 किलोमीटर का चक्कर पूरा करना। वह उबड़-खाबड़ सडक़ पर चलती है तो मन में यही डर सताता है कि कहीं उसके गर्भ में बच्चे को कुछ हो न हो।
यह कहानी सिर्फ ममता की ही नहीं है बल्कि इस कस्बे में रहने वाली हर महिला की है। सबसे बड़ी बात है कि बस्ती में पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से यहां महिलाओं व बच्चों को चर्म रोग हो रहे हैं। ये चर्म रोग बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी में फैल चुके हैं।
गौरतलब है कि जेडीए ने करीब 250 लोगों को 2013 में यहां शिफ्ट किया था। तब से आज तक यहां बसे सभी परिवार बिना बिजली, पानी, शौचालय, सडक़ के रह रहे हैं।
Published on:
08 Mar 2017 10:10 am
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