
जयपुर। वित्त (व्यय) विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में अनुमोदित निजी अस्पतालों को अनुचित पैकेज बुकिंग से बचने की नसीहत दी है। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दावों में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। कुछ निजी अस्पतालों द्वारा इस योजना में दस्तावेजों का एक से अधिक स्थानों पर उपयोग, ओपीडी को नियम विरूद्ध आईपीडी में परिवर्तित करना, अनावश्यक रूप से अधिक बिल तैयार करना तथा बिना आवश्यकता के अतिरिक्त जांचें करवा कर क्लेम राशि बढ़ाने जैसी गड़बडयि़ाँ की जा रही हैं।
जैन ने मंगलवार को इस संबंध में वीसी के माध्यम से निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से संवाद कर आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्त विभाग द्वारा आरजीएचएस की मॉनिटरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विशेष ऑडिट सैल का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कई अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
वीसी वीडियो में पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बताया गया कि अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दावों में कई अनियमितताएं पाई जा रही हैं। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अस्पतालों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि जो अस्पताल बार-बार मामूली गलती के नाम पर गलत क्लेम प्रस्तुत कर रहे हैं, उनके खिलाफ वसूली, निलंबन एवं डी-एम्पैनलमेंट जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नवीन जैन ने कहा कि निजी अस्पताल हाल ही में इस योजना से निलंबित किए गए अस्पतालों द्वारा की गई गलतियों से सीख लें जिससे इस तरह की गडबडिय़ों पर अंकुश लगाया जा सके । उन्होंने निजी अस्पतालों को योजना के दिशा-निर्देशों को भली-भांति समझने के लिए विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध गाइडलाइंस को पढऩे की सलाह दी।
बैठक में अस्पताल प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान कई उपयोगी सुझाव सामने आए, जिन पर आगामी 10 दिनों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
25 Mar 2025 09:27 pm
Published on:
25 Mar 2025 09:27 pm
