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जयपुर शहर का ह्रदयस्थल माने जाने वाले अल्बर्ट हॉल पर मानो शहर थम सा गया हो…

शहरवासियों सहित देसी- विदेशी पर्यटकों ने पूरे शहर को तालियों का गडगड़़ाहट से गुंजायमान कर दिया।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Nov 30, 2024

जयपुर। शुक्रवार की शाम जयपुर शहर का ह्रदयस्थल माने जाने वाले अल्बर्ट हॉल पर शहर थम सा गया। शहरवासियों सहित देसी- विदेशी पर्यटकों ने पूरे शहर को तालियों का गडगड़़ाहट से गुंजायमान कर दिया। मौका था पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित पाक्षिक सांस्कृतिक संध्या कल्चरल डायरीज के दौरान गायन, वादन व नृत्य की प्रस्तुतियों का। यहां पर भपंग वादन, भवाई, चरी व घूमर नृत्य के साथ ही कालबेलिया नृत्यांगनाओं की प्रस्तुति का जादू सभी के सिर चढकऱ बोला।

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उल्लेखनीय है उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल पर लोक कलाकारों को मंच प्रदान करते हुए उन्हें सम्बल प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा कल्चर डायरीज नाम से पाक्षिक सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत की गई है, इस पाक्षिक सांस्कृतिक शृंखला की पहली दो दिवसीय प्रस्तुतियां नवम्बर के दूसरे पखवाड़े में अल्बर्ट हॉल पर आयोजित हो चुकी है। इन प्रस्तुतियों की खासियत रहीं कि भपंग वादन और कालबेलिया नृत्य तीन पीढिय़ों द्वारा प्रस्तुत किया गया। युसूफ खान मेवाती ने अपने चाचा और बेटों के साथ जुगलबंदी की वहीं खातू सपेरा ने अपनी बेटी व नातिनों के साथ कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कमिश्ननर टूरिज्म विजयपाल सिंह द्वारा सभी कलाकारों का स्वागत व सम्मान किया गया।

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