
दो स्कूलों की छत पर गिरा सैंकड़ों साल पुरान बरगद का पेड़, पत्रिका फोटो
झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में बीते शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल के भवन की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत की ह्दयविदारक घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। वहीं जयपुर शहर में बीती रात हुई एक घटना से हड़कंप मच गया। पुरानी बस्ती इलाके में एक मकान में लगा सौ साल पुराना बड़ का पेड़ पास ही संचालित दो स्कूलों की छत पर जा गिरा। रात में हादसा होने से शहर में बड़ी जनहानि टल गई।
स्थानीय निवासी अक्षत व्यास ने बताया कि पुरानी बस्ती के बाहर भाईयों के चोराहे के पास स्थित एक मकान में लगा वर्षों पुराना बड़ का पेड़ देर रात भरभरा कर गिर गया। पेड़ का बड़ा हिस्सा पास के भवन में संचालित दो सरकारी स्कूलों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय सिंधी पंचायत स्कूल की छत पर जा गिरा। रात में हादसा होने से घटना में कोई चोटिल नहीं हुआ। वहीं दिन में घटना होने पर बड़ा हादसा घटित हो सकता था।
जानकारी के अनुसार जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में सौ से ज्यादा जर्जर भवन होने की बात हैरिटेज नगर निगम प्रशासन कर रहा है। नगर निगम नोटिस देकर कार्रवाई की इतिश्री कर लेता है वहीं हर साल मानसून के सीजन में जर्जर भवन गिरने पर जनहानि होने की आशंका बनी रहती है। वहीं सड़क किनारे लगे कई जंगी पेड़ अब सूख रहे हैं और आंधी अंधड़ चलने पर पेड़ों से भी हादसा होने का भय बना रहता है।
— अगस्त 2024 में कल्याणजी के रास्ते में जर्जर मकान को नगर निगम ने किया ध्वस्त
— जुलाई 2018 में माणक चौक थाना क्षेत्र के विद्याधर का रास्ता में एक जर्जर मकान की दीवार गिरी, कोई हताहत नहीं
रामगंज बाजार स्थित फूटा खुर्रा के नमदगरान इलाके में बीते 8 जुलाई को एक जर्जर हवेली का आधा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया।
— अगस्त 2024 को जयपुर में चांदपोल के तोपखाना इलाके में गिरी जर्जर इमारत, एक शख्स की मौत
— जुलाई 2018 को जयपुर के गोपालजी का रास्ता में जर्जर मकान गिरा, नगर निगम ने नोटिस दिया लेकिन मकान नहीं किया ध्वस्त, मकान मालिक ने भी नहीं दिया ध्यान
जानकारी के मुताबिक जयपुर शहर में 100 से ज्यादा भवन ऐसे हैं, जिन्हें निगम ने जर्जर मानते हुए खतरनाक की श्रेणी में चिन्हित किया है। जर्जर ईमारतों की ज्यादातर संख्या चारदीवारी क्षेत्र में ही ज्यादा है। हवामहल पूर्व, हवामहल पश्चिम और मोतीडूंगरी जोन में सबसे ज्यादा जर्जर इमारतें हैं, जिन्हें ढहाने की तत्काल जरूरत है। जर्जर मकानों के आसपास रहने वाले लोग कई बार निगम को इसकी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन निगम प्रशासन ने जर्जर ईमारतें हटाने की बजाय सिर्फ भवन मालिकों के नाम नोटिस जारी किए हैं। ऐसे में ढहने के कगार पर पहुंचे इन भवनों से खतरा बरकरार है।
Published on:
26 Jul 2025 12:40 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
