1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महिला आबकारी निरीक्षक अंकिता दलाल मोनू अली व असलम के साथ गिरफ्तार

हाथ पर बनवा रखा था शेरनी का टैटू, मांग रही थी 10 लाख रुपए मांगे, 3 लाख रुपए वसूलते पकड़ा

2 min read
Google source verification
photo_6221876959030393035_y.jpg

जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को जयपुर पूर्व की आबकारी निरीक्षक अंकिता माथुर और दो दलाल को गुरुवार को 3 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी माथुर ने परिवादी से 10 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी, जो तीन किस्तों में देना तय हुआ। गुरुवार को पहली किस्त लेते गिरफ्तार हुई।

कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि परिवादी ने 28 जुलाई को शिकायत की थी कि एक लाइसेंसशुदा शराब दुकान के ठेकेदार की मृत्यु हो गई। इसके बाद आबकारी निरीक्षक माथुर ने परिवादी को एग्रीमेंट पर शराब दुकान दिलवा दी। इसके बाद दुकान को निर्बाध चलाने के लिए निरीक्षक माथुर 10 लाख रुपए रिश्वत मांग रही है। रिश्वत की राशि नहीं देने पर परेशान कर रही है। एएसपी राजेन्द्र नैन की टीम ने आरोपी निरीक्षक का रिश्वत मांगने का सत्यापन किया।

दलाल को रुपए लेने भेजा, फिर कहा शाम को बताऊंगी कहां लाने

आरोपी निरीक्षक माथुर ने गुरुवार को दो दलाल ठेकेदार मोनू अली व असलम को ट्रांसपोर्ट नगर में परिवादी से 3 लाख रुपए लेने के लिए भेजा। दलाल ने परिवादी से 3 लाख रुपए का पैकेट ले लिया, तभी एसीबी ने उनको पकड़ लिया। रुपए लेने वाले दलालों से आरोपी निरीक्षक अंकिता को फोन करवाया। उन्होंने पूछा कि मेडम रुपए ले लिए और कहां देने हैं। तब आरोपी निरीक्षक बोली कि शाम को बताऊंगी रुपए कहां लेकर आने है। रुपए लेने वाले दलालों को एसीबी ने अपनी कस्टडी में रखा। गुरुवार शाम करीब 7 बजे आरोपी निरीक्षक ने दलालों को कहा कि अकेले हो तो मेरे घर पर ही रुपए लेकर आ जाओ। कुछ देर बाद फोन कर घर के नजदीक पार्क में पहुंचने के लिए कहा। पार्क में पहुंचकर निरीक्षक ने तीन लाख रुपए रखा पैकेट ले लिया। तभी एसीबी ने उसको पकड़ लिया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया ।

एसीबी आरोपी निरीक्षक के घर पर देर रात सर्च करने में जुटी थी।

राठौड़ी का ताला लगा दिया...खोला

एसीबी ने बताया कि आरोपी निरीक्षक को रिश्वत के रुपए नहीं दिए तो उसने जबरन परिवादी की दुकान पर ताला लगा दिया। लेकिन राठौड़ी में लगाए गए ताले को परिवादी ने खोल लिया था।