
ACB Raid in Jaipur: जयपुर विकास प्राधिकरण में अधिकारी के चालीस से भी ज्यादा ठिकानों पर जयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने रेड की है। करीब सवा छह करोड़ से भी ज्यादा की प्रॉपर्टी और कैश अभी तक मिला है। अभी बैंक लॉकर्स और कुछ अन्य जांच की जानी बाकि है। आय से करीब ढाई सौ प्रतिशत ज्यादा सम्पत्ति अर्जित की गई है। अधिकारी का नाम अविनाश शर्मा है जो कि वर्तमान में जयपुर विकास प्राधिकरण में अधीक्षण अभियंता 12 के पद पद पदस्थापित हैं। एसीबी के एडिशनल एसपी ज्ञान प्रकाश नवल और उनकी टीम पूरे केस की जांच कर रहे हैं।
गोपनीय सूचना के बाद की गई थी कार्रवाई शुरू, जैसे-जैसे परतें खुलीं चौंकते गए अधिकारी
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी जांच पड़ताल गोपनीय सूचना के बाद शुरू की गई थी। पता चला कि अधिकारी द्वारा राजकीय सेवा में नियुक्त होने से अब तक करीब 6.25 करोड रूपये की आय से अधिक परिसम्पत्तियां अर्जित करना प्रकट हुआ है, जो कि उक्त की आय से 253 प्रतिशत अधिक है। सूचना के बाद उनके जयपुर और आसपास के कस्बों में स्थित प्रॉपर्टी पर एक साथ छापा मारा गया है।
जेडीए में रहते हुए बिल्डर्स और प्राईवेट कॉलोनाईजर्स को लाभ पहुंचा रहा था अधिकारी
जांच में सामने आया कि जयपुर में प्रमुख स्थानों गोपालपुरा मोड, मानसरोवर, सांगानेर, पृथ्वीराज नगर क्षेत्र, जगतपुरा, प्रतापनगर, एवं रिंग रोड के आस पास 25 से अधिक कॉलोनियों में 50 से अधिक परिसम्पत्तियां कय करने व निमार्ण में करोडो रूपये व्यय करना प्रकट हुआ। संदिग्ध अधिकारी द्वारा जयपुर विकास प्राधिकरण में पदस्थापन के दौरान भ्रष्टाचार करते हुए गृह निर्माण समितियों एवं बिल्डर्स को लाभ पहुंचाकर पारितोषण स्वरूप अथवा काफी कम दरों पर भूखण्ड अर्जित किये जिनकी खरीद के समय भी कुल कीमत करोड़ों रूपये थी।
सात बैंक खाते, पढ़ाई पर पचास लाख खर्च, फंड्स में 90 लाख, 25 लाख गाड़ियों पर
जेडीए अधिकारी की जांच में सामने आया कि संदिग्ध अधिकारी व परिवारजनों के कुल 7 बैंक खातों में करीब 30 लाख रूपये होना पता चला है। अधिकारी अविनाश शर्मा ने बेटियों की शिक्षा पर भी खुलकर खर्च किया है। जांच में सामने आया है कि स्कूली शिक्षा, कोचिंग एवं उच्च शिक्षा मणिपाल युनिवर्सिटी, पूर्णिमा युनिवर्सिटी में करीब 50 लाख रूपये वे खर्च कर चुके हैं। इसके अलावा म्यूचुअल फण्ड में करीब 90 लाख रूपये का निवेश किया जाना पाया गया है। इसके अलावा चौपहिया व दुपहिया वाहनों को कय करने व संचालन में करीब 25 लाख रूपये व्यय करना प्रकट हुआ।
इन ठिकानों पर सर्च कर रही है एसीबी की टीम
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गोपालपुरा मोड, हिम्मत नगर में मकान नंबर 157, जेडीए से संबधित कार्यालयों में सर्च की गई है। इसके अलावा प्लॉट नम्बर 10,21 किर्ती सागर, बदरवास जयपुर श्री रघुराम ढाबा के नजदीक। प्लॉट नम्बर 58 इन्कम टैक्स कॉलोनी प्रथम जगतपुरा जयपुर। किंजल कॉलोनाईर्जस प्राईवेट लि० एवं नीलकण्ठ रियल स्टेट प्राईवेट लि० का कार्यालय 101 वास्तुश्री कॉलोनी, मांगियावास जयपुर। सी 371 प्रधान मार्ग मालवीय नगर जयपुर। एवं प्लॉट नम्बर 75 राठी नगर बदरवास जयपुर में सर्च की गई है। जांच में सामने आया है कि अधिकतर सम्पत्ति 25 स्कीम, कॉलोनियों में अर्जित की है। अधिकारियों ने बताया कि शर्मा द्वारा जेडीए में पदस्थापन के दौरान उक्त स्कीम, कॉलोनियों के नियमन एवं उनके विकास को लेकर निजी बिल्डर और डेवलपर को फायदा पहुंचाने का भी मामला सामने आ रहा है। इसकी जांच अलग से की जा रही है।
Updated on:
11 Mar 2025 09:13 am
Published on:
11 Mar 2025 09:12 am
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