
जयपुर एयरपोर्ट ने जीरो कार्बन उत्सर्जन की दिशा में किया ये कड़ा काम
Jaipur Airport: जयपुर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रबंधन ने बड़ी पहल की है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पारंपरिक लाइट्स को 6347 एलईडी लाइटों से बदलकर प्रति वर्ष 236108.4 किलोवाट घंटा (केडब्ल्यूएच) ऊर्जा बचाने प्रयास किया। जेआईएएल की लगभग 95.5 प्रतिशत पुरानी लाइटों को पहले ही नई एलईडी से बदल दिया गया है। यह आंकडे अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी और अन्य सरकारी स्रोतों से तुलना पर आधारित है। गौरतलब है कि मुंबई, दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य बड़े एयरपोर्ट की तर्ज पर पर्यावरणीय स्थिरता और जीरो कार्बन उत्सर्जन की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
यह भी पढ़े: जयपुर एयरपोर्ट पर पकड़ा 2.9 करोड़ रुपए का सोना
ऐसे समझें अंतर
इस पहल के तहत 95.5 प्रतिशत पारंपरिक लाइटों को 6347 एलईडी बल्बों से बदल दिया है। यह पारंपरिक रोशनी की तुलना में प्रति वर्ष 236108.4 केडब्ल्यूएच ऊर्जा की बचत करते हैं। रोजाना तीन घंटे के औसत दैनिक उपयोग को मानते हुए, एक बल्ब प्रति वर्ष 47.1 किलोवाट घंटे की खपत करता है, और एक एलईडी बल्ब 9.9 किलोवाट घंटा प्रति वर्ष (ईपीए 2019) की खपत करता है।
यह भी पढ़े: जयपुर एयरपोर्ट पर पकड़ा 48 लाख का सोना
ऊर्जा की हुई बचत
हवाईअड्डे की पर्यावरण के अनुकूल की गई इस हरित गतिविधि के परिणामस्वरूप ऊर्जा की बचत हुई है जो भारत में 52.7 घरों की ऊर्जा खपत के बराबर है। कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन के संदर्भ में एलईडी के संरक्षण के परिणामस्वरूप कार्बन डाई ऑक्साइड CO2 की कमी हुई है। जयपुर से दिल्ली के लिए राउंड ट्रिप वाले 6144 यात्रियों या जयपुर से दिल्ली की राउंड ट्रिप वाली 34 उड़ानों द्वारा उत्सर्जित कार्बन डाई ऑक्साइड के बराबर है। एयरपोर्ट पर हरियाली विकसित करने के साथ ही हाल ही ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है।
Published on:
21 Dec 2022 10:05 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
