
आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)
जयपुर। राजस्थान की राजधानी एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े उमर हारिस उर्फ खरगोश के जयपुर कनेक्शन ने खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जांच में सामने आया है कि आतंकी ने जयपुर से सटे जयसिंहपुरा खोर को एक साल तक फर्जी पहचान पत्रों और स्थानीय नेटवर्क का सहारा लेकर ठिकाना बनाया।
आतंकी खरगोश सितंबर 2023 से अगस्त 2024 तक यहीं रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि यहीं से उसने किरायानामा, आधार कार्ड और उसके बाद पासपोर्ट तक बनवा लिया। जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उसकी मदद आतंकियों के लोकल नेटवर्क ने की। यहीं से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने में भी सफल रहा।
जयपुर में एक साल रहने के दौरान उसने कई जगह काम भी किया। इतने समय तक रहने के बाद भी आतंकी के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। इस दौरान वह इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग का काम करता रहा और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, मंदिरों व पर्यटन स्थलों पर भी घूमता रहा। उसके इलेक्ट्रीशियन बनकर घर-घर रैकी करने की आशंका भी है। इस दौरान वह नेपाल भी जाकर आया।
सूत्रों के मुताबिक, उमर हारिस ने अंडरग्राउंड नेटवर्क की मदद से पहले स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की। उसने एक महिला से शादी कर दस्तावेज तैयार करवाए और सज्जाद नाम से फर्जी पासपोर्ट हासिल कर लिया। इसी पासपोर्ट के जरिए वह 2024 में भारत से निकलकर पहले इंडोनेशिया और फिर खाड़ी देशों तक पहुंच गया।
इस पूरे मामले का खुलासा श्रीनगर में हुई कार्रवाई के बाद हुआ, जिसके बाद राजस्थान एटीएस तुरंत हरकत में आ गई। जांच एजेंसियों ने पासपोर्ट बनवाने में सहयोग देने वाले चार संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया है। इससे पहले सुरक्षा एजेंसी ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। अभी भी कुछ लोग रडार पर हैं, जिनसे पूछताछ की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि उमर हारिस ने पहले फर्जी आधार कार्ड बनवाया और फिर उसी के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया। पासपोर्ट बनाने के लिए थाने में होने वाला पुलिस वेरीफिकेशन भी हो गया। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब एटीएस इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि इस पूरे फर्जी दस्तावेज नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जयपुर जैसे बड़े शहर में आतंकी स्लीपर सेल सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़े खतरे को समय रहते रोका जा सके।
खुफिया इनपुट के अनुसार, उमर हारिस ने 2012 में पाकिस्तान से घुसपैठ कर भारत में प्रवेश किया था। वह लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहा और बाद में राजस्थान, हरियाणा व पंजाब में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश की। जयपुर आने से पहले उसके नूंह मेवात में रहने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि इसकी सुरक्षा एजेन्सी तस्दीक कर रही है।
Published on:
21 Apr 2026 06:05 am
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