25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jaipur में फिर बड़ी घटना, सुभाष चौक इलाके में एक और मकान ढहा, दो महिलाएं दबीं, एक की मौत

Jaipur Building Collapse: पता चला कि नजदीक ही 11 साल और सात साल के बच्चे मौजूद थे।
2 min read
Google source verification

मकान के मलबे को हटाते कर्मचारी, मृतक महिला धन्नी देवी

Jaipur News: राजधानी जयपुर के सुभाष चौक इलाके में फिर से जर्जर मकान ढहने का मामला सामने आया है। सुभाष चौक स्थित झिलाई हाउस में एक जर्जर मकान ढहने से दो महिलाएं घायल हो गईं। यह घटना गुरुवार सुबह हुई। घायलों की पहचान 60 वर्षीय धन्नीबाई और 35 वर्षीय सुनीता के रूप में हुई है, जिन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि धन्नीबाई को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि सुनीता के पैर में फ्रैक्चर हुआ है। अस्पताल ले जाने के कुछ देर के बाद ही धन्नी देवी की मौत हो गई। उनके सिर में गंभीर चोटे आई थीं। इससे पहले भी कुछ दिन पहले चार मंजिला का मकान पूरा ढह गया था और परिवार के सात लोग दब गए थे। उनमें पिता और पुत्री की जान चली गई थी। पांच सदस्य घायल हो गए थे। यह हादसा देर रात हुआ था।

आज सवेरे हुई घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ही बचाव अभियान शुरू किया और दोनों महिलाओं को मलबे से बाहर निकाला। हादसे के समय, घर के बच्चे बाहर खेल रहे थे, जिससे वे सुरक्षित रहे। परिवार के एक रिश्तेदार ने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों से फोन पर इस हादसे की सूचना मिली थी। पता चला कि नजदीक ही 11 साल और सात साल के बच्चे मौजूद थे। गनीमत रही की उनकी जान बच गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह मकान काफी पुराना और जर्जर था। धन्नीबाई और सुनीता इस मकान की देखरेख करती थीं। मकान मालिक के बारे में जानकारी आई कि वे जयपुर के ही चौड़ा रास्ता इलाके में रहते हैं। इस हादसे के काफी देर के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य पूरा हो चुका था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह घटना शहर के पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शहर में ऐसे कई मकान हैं जो काफी पुराने हो चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम को इन मकानों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कार्रवाई करने के बाद भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।