
हाईकोर्ट के बाहर देर रात तक धरना (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: वकील की मां की मौत पर शहर के गोपालपुरा बाइपास स्थित निविक हॉस्पिटल में लापरवाही से इलाज के आरोपों पर मामला दर्ज होने के पांच महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर वकीलों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। हाईकोर्ट के बाहर रास्ता जाम होने से राजधानी में यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
वहीं, प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ताओं की ओर से चिकित्सक की गिरफ़्तारी की मांग पूर्णतया निराधार व बेबुनियाद है। क्योंकि चिकित्सक को क्लीन चिट मिल गई है।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता जितेंद्र शर्मा ने कुछ समय पहले अपनी मां को मानसरोवर के पास गोपालपुरा बाइपास स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वकीलों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरतने के कारण मरीज की मौत हो गई। उस समय वकीलों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर एफआईआर दर्ज कराई।
कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे चिकित्सक सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों ने हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और सड़क पर धरने पर बैठ गए। देर रात धरना जारी रहा।
वकीलों ने आंदोलन के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सितंबर 2025 में अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन वकील गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। उधर, मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
वकीलों के जाम लगाने से हाईकोर्ट के आसपास की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। इसका अंबेडकर सर्कल, स्टेच्यू सर्कल, तिलक मार्ग, भवानी सिंह रोड, विधानसभा के सामने, ज्योति नगर और सहकार सर्कल तक असर दिखाई दिया। इन मार्गों पर यातायात दबाव पहले से अधिक था। पहले निकलने की होड़ में कई स्थानों पर वाहन आपस में फंस गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।परकोटा वाहनों और ग्राहकों से पैक
उधर, परकोटा क्षेत्र में भी दिनभर जाम जैसे हालात बने रहे। शादी के सावों की खरीदारी करने पहुंचे लोगों और पर्यटकों की भीड़ के कारण बाजारों में वाहनों का दबाव बढ़ गया। संकरी सड़कों और अव्यवस्थित पार्किंग ने समस्या को और गंभीर बना दिया। वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे और कई स्थानों पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया।
प्रमुख संस्थानों के बाहर अचानक होने वाले प्रदर्शनों के लिए वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान पहले से तैयारी होनी चाहिए। साथ ही परकोटा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त पार्किंग प्रबंधन और प्रभावी डायवर्जन व्यवस्था ही भविष्य में ऐसे जाम से राहत दिला सकती है।
अधिवक्ताओं की ओर से निविक हॉस्पिटल के डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ़्तारी की मांग गैरवाजिब है। मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु में डॉ. सोनदेव बंसल को क्लीन चिट मिलने के बावजूद अधिवक्ताओं द्वारा चिकित्सक की गिरफ़्तारी की मांग पूर्णतया निराधार व बेबुनियाद है। राज्य का समस्त चिकित्सक वर्ग इसका पुरजोर विरोध व भर्त्सना करता है।
यदि वकीलों के दबाव में चिकित्सक के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई की जाती है तो राज्य का संपूर्ण चिकित्सक वर्ग इसके विरुद्ध एकजुट होकर आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसमें राज्य व्यापी मेडिकल बंद जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
-डॉ. विजय कपूर, प्रेसिडेंट, प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन
वकीलों के धरने को देखते हुए मंगलवार से जनपथ पर सुगम एवं सुव्यवस्थित यातायात संचालन के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की गई है। इधर से निकलने वाले वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने निम्नानुसार डायवर्जन किया है।
Published on:
17 Feb 2026 07:31 am
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