
जून तक काम करना शुरू करेगा सॉफ्टवेयर
जयपुर। अब प्रदेश में कोई भी किसान फसल खराबे का मुआवजा गलत गिरदावरी दिखा कर एक बार से ज्यादा नहीं ले सकेगां इसके लिए आपदा प्रबंधन तैयारियां कर रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग तीन करोड़ की लागत से आईटी विभाग से सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। सॉफ्टवेयर के जरिए फसल खराबे का मुआवजा सीधा किसानों के खाते में तो जाएगा ही, लेकिन खास बात यह होगी कि गलत गिरदावरी रिपोर्ट पेश कर कोई भी किसान दो हेक्टेयर से ज्यादा फसल खराबे का मुआवजा नहीं ले सकेगा।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आगामी जून तक यह सॉफ्टवेयर आईटी विभाग तैयार कर देगा। आपद प्रबंधन विभाग के अफसरों की मानें तो अभी तक किसान कई खेतों की एक साथ गिरदावरी करवाते थे और पटवारी से मिलीभगत कर दो से ज्यादा बार मुआवजा ले रहे थे। कई मामले ऐसे विभाग की जानकारी में आए तो मामले को गंभीरता से लिया गया।
सॉफ्टवेयर करेगा स्क्रूटनी
अब इस सॉफ्टवेयर में पहले गिरदावरी रिपोर्ट फीड की जाएगी और फिर गिरदावरी रिपोर्ट की सॉफ्टवेयर स्क्रूटनी करेगा। जहां एक नाम से दो गिरदावरी मैच करेगी वहां सॉफ्टवेयर दूसरी गिरदावरी रिपोर्ट को रिजेक्ट कर देगा। आपदा प्रबंधन विभाग के अफसरों के अनुसार फसल खराबे के तीन हजार करोड रुपए से ज्यादा का मुआवजा अगले महीने तक केन्द्र सरकार दे सकती है।
अन्य आपदा भी जुड़ेंगी सॉफ्टवेयर से
आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फसल खराबे के साथ ही जल्द ही इस सॉफ्टवेयर में अन्य आपदाओं को भी जोड़ा जाएगा, जिससे मुआवजा देने में विभाग को किसी गफलत का सामना नहीं करना पड़े। इसके साथ ही गिरदावरी रिपोर्ट में भी किसी भी तरह की हेर—फेर नहीं हों। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर आनलाइन चलेगा और इसके लिए कलक्टर या तहसील कार्यालय में तैनात कार्मिकों को आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे।
Published on:
21 Apr 2018 12:05 pm
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