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Jaipur Discom : जयपुर डिस्कॉम में सोलर उपभोक्ताओं के साथ बड़ा खेल? जांच के आदेश

Jaipur Discom : जयपुर डिस्कॉम में सोलर उपभोक्ताओं के साथ बड़ा खेल? मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता बी.एस. मीणा ने जांच शुरू कर दी है।

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Jaipur Discom big scam with solar consumers Investigation ordered

ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Jaipur Discom : जयपुर डिस्कॉम में सोलर उपभोक्ताओं के मीटर जांच और इंस्टालेशन में कथित गड़बड़ियों का मामला गरमा गया है। जहां सोलर उपभोक्ताओं को मुफ्त स्मार्ट मीटर मिलना चाहिए, वहां अब भी नेट मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं पर 3 से 4 हजार रुपए का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। इसके साथ मीटर जांच में ‘फिक्सिंग’ के आरोप भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों से सीमित अधिकारियों को ही बार-बार निरीक्षण का जिम्मा दिया जा रहा है।

रोस्टर सिस्टम लागू नहीं होने और तकनीकी मानकों की अनदेखी से पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता बी.एस. मीणा ने जांच शुरू कर दी है। मामले में पिछले 5 वर्षों की समीक्षा कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। शिकायत के बाद जिम्मेदार अलर्ट मोड में आ गए हैं और अन्य इंजीनियरों को भी जिम्मेदारी देने का दावा किया जा रहा है।

जांच के दायरे में ये गड़बड़ियां

1- फ्री स्मार्ट मीटर की जगह नेट मीटर
सोलर उपभोक्ताओं के यहां एक सोलर और एक नेट मीटर लगाया जाता है। अब नेट मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश हैं और स्मार्ट मीटर डिस्कॉम उपलब्ध करा रहा है, इसके बावजूद कई जगह नेट मीटर लगाए जा रहे हैं।
2- रोस्टर सिस्टम की जगह चहेतों को जिम्मेदारी
निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल हैं। आरोप है कि कुछ चिन्हित एक्सईएन और एईएन को ही बार-बार जांच के लिए भेजा जा रहा है, जबकि अन्य अधिकारियों को मौका नहीं मिल रहा।
3- तकनीकी मानकों में लापरवाही
मीटर जांच के दौरान तय स्पेसिफिकेशन और अन्य तकनीकी मानकों का पालन नहीं होने के आरोप हैं। इससे घटिया गुणवत्ता के मीटर पास होने की आशंका जताई जा रही है।
4- डबल सिस्टम से बढ़ रहा खर्च
कई मामलों में पहले सोलर और नेट मीटर लगाए जाते हैं, बाद में उन्हें स्मार्ट मीटर से बदलने के निर्देश दिए जाते हैं। इससे उपभोक्ताओं और विभाग दोनों का समय व पैसा खर्च हो रहा है।
5- डिजिटल प्रक्रिया की पालना नहीं
निरीक्षण प्रक्रिया मैटेरियल मैनेजमेंट विंग में तो एप के जरिए चल रही है, लेकिन मीटर विंग, आइटी और ट्रंर्की कार्य एप की बजाय मैन्युअल तरीके से की जा रही है, जिससे अनियमितताओं की गुंजाइश बनी हुई है।

इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकता - अधीक्षण अभियंता एस.पी. शर्मा

जयपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता एस.पी. शर्मा ने कहा कि इस संबंध में जानकारी मुख्यालय स्तर पर ही मिल सकती है। वैसे, नियमों के तहत काम हो रहा है। इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकता। वहीं बीएस मीणा से कई बार सम्पर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई रिप्लाई नहीं दिया।