
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बैठक करते हुए (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सीएफसीएल की ओर से अगले सप्ताह 1000 मीट्रिक टन यूरिया की प्रतिदिन आपूर्ति की जाएगी, जिसे ग्राम सेवा सहकारी समिति एवं क्रय विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से सीधे किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सीधे आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। ऊर्जा मंत्री ने रविवार को कोटा सर्किट हाउस में जिला कलक्टर, कृषि विभाग, सहकारिता एवं फर्टिलाइजर आपूर्ति करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ जिले में यूरिया की आपूर्ति की समीक्षा की।
मंत्री ने सर्किट हाउस में की खाद उपलब्धता की समीक्षा
ऊर्जा मंत्री ने बैठक के दौरान ही प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं सहकारिता मंजू राजपाल से बात की और उनसे कोटा जिले के लिए फर्टिलाइजर आवंटन बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोटा जिले की मांग 95 हजार मीट्रिक टन खाद की थी, लेकिन 74 हजार मीट्रिक टन ही आवंटित किया गया था। ऐसे में जिले में एक साथ हुई रबी सीजन की बुवाई को देखते हुए यूरिया का आवंटन बढ़ाया जाए।
प्रमुख शासन सचिव, कृषि ने अवगत कराया कि केंद्र सरकार को 50 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त फर्टिलाइजर आवंटन के लिए लिखा है। अतिरिक्त आवंटन की स्वीकृति मिलने पर कोटा जिले को भी अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। नागर को अधिकारियों ने बताया कि कोटा जिले में नवंबर महीने तक 43 हजार मीट्रिक टन फर्टिलाइजर सप्लाई होना था, लेकिन अभी करीब 37 हजार मीट्रिक टन की आपूर्ति ही हुई है।
मंत्री ने बाकी बचे हुए फर्टिलाइजर की आपूर्ति दिसंबर के पहले सप्ताह में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में किसानों को मांग के अनुरूप यूरिया उपलब्ध हो सके। उन्होंने सीएफसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले सप्ताह में छह हजार मीट्रिक टन यूरिया कोटा जिले को सप्लाई कर यहां आपूर्ति की कमी पूरी करें।
उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को यूरिया सीधे सड़क मार्ग से उपलब्ध कराएं अथवा दो रैक कोटा जिले के लिए उपलब्ध करा दें, जिसका वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को किया जा सके। उन्होंने कृभको एवं इफको को भी यूरिया की सप्लाई बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर की कालाबाजारी एवं अटैचमेंट साथ देने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाई जाए। उन्होंने फर्टिलाइजर निर्माता कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राइवेट डीलर्स को देने की बजाय प्राथमिकता से यूरिया सहकारी समितियों को उपलब्ध कराएं, ताकि जिले के किसानों तक समय पर खाद पहुंच सके।
ऊर्जा मंत्री ने शिक्षा विभाग एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ सांगोद विधानसभा क्षेत्र में एसडीआरएफ के तहत स्कूलों की मरम्मत कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। सांगोद विधानसभा क्षेत्र के 188 स्कूल भवनों का पीडब्ल्यूडी अभियंताओं द्वारा किए गए सर्वे में 12 स्कूल भवनों को पूरी तरह जर्जर अथवा गिराने योग्य माना गया है।
इसके अलावा 66 भवनों में 2 से 5 लाख रुपए तक मरम्मत कार्य कराए जाने और 84 स्कूलों में 5 से 10 लाख रुपए के मरम्मत कार्यों की आवश्यकता है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ के तहत 2 लाख रुपए प्रति स्कूल मरम्मत कार्यों के लिए मिले हैं, उनसे प्राथमिकता के आधार स्कूल छत रिपेयरिंग के कार्य करवाए जाएंगे। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी जेपी गुप्ता सहित कृषि, सहकारिता एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
Updated on:
01 Dec 2025 09:47 am
Published on:
01 Dec 2025 09:46 am
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