
जयपुर में आतंकी खरगोश ने बनवाया ड्राइविंग लाइसेंस, पत्रिका फोटो
Rajasthan Security Breach: लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' को लेकर हर दिन चौंकाने वाले और बेहद गंभीर खुलासे हो रहे हैं। जयपुर और हरियाणा की मतदाता सूचियों में फर्जी नामों से जगह बनाने के बाद अब यह सामने आया है कि इस आतंकी ने जयपुर में रहने के दौरान परिवहन विभाग की नाक के नीचे से अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा लिया था।
दूसरी तरफ ठीक इसी तरह का मामला करीब 27 साल पहले भी जयपुर जिला परिवहन विभाग में घटित हो चुका है। एक संदिग्ध आतंकी ने परिवहन विभाग में कुछ कथित दलालों और मोटर ड्राइविंग स्कूलों से मिलीभगत कर ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराया था।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच जब परिवहन विभाग तक पहुंची, तो हड़कंप मच गया। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि साल 2024 में जगतपुरा एआरटीओ कार्यालय से 'सज्जाद अहमद' के फर्जी नाम पर यह ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया था। इसके लिए जयपुर में ट्रायल भी दी गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह लाइसेंस उन्हीं फर्जी दस्तावेज (आधार कार्ड और वोटर आइडी) के आधार पर तैयार हो गया, जिनका इस्तेमाल उसने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए किया था।
मामला उजागर होने के बाद जिला परिवहन अधिकारी जगतपुरा, जयपुर की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया। एटीएस जयपुर से 11 मई 2026 को मिले गोपनीय इनपुट के आधार पर विभाग ने कार्रवाई की है। आदेश के तहत 'सज्जाद अहमद' के नाम पर जारी ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया गया। एटीएस की रिपोर्ट में इस व्यक्ति को 'संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी' माना गया है।
परिवहन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जयपुर स्थित जिला परिवहन कार्यालय में ठीक इसी तरह की घटना करीब 27 साल पहले भी घटित हो चुकी है। तब जयपुर में छिपा आतंकी 'इमरान' नाम से फर्जी दस्तावेजों और दलालों व मोटर ड्राइविंग स्कूल की मदद से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करवाने में कामयाब रहा। हालांकि बाद में मामला उजागर होने के बाद विभाग ने उक्त ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त भी कर दिया। मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने एक मोटर ड्राइविंग स्कूल संचालक समेत कुछ दलालों को गिरफ्तार भी किया लेकिन आरोपी आतंकी की पुलिस को अब तक तलाश है।
Published on:
20 May 2026 12:15 pm
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