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बचना इन हसीन बालाओं से, जयपुर में इन्होंने कई पैसे वालों को बनाया है अपना शिकार

डाक्टर, इंजीनियर, वकील और रिसोर्ट मालिक सहित दर्जनों लोगों को ब्लैकमेल कर बटोरी थी मोटी रकम
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jaipur

धीरेन्द्र भट्टाचार्य / जयपुर . राजधानी में प्रिया सेठ से पहले भी कई युवतियां अपने मोहपाश में फांसकर धनाढ्य लोगों को ब्लैकमेल करती और मोटी रकम ऐंठती रही हैं। स्पेलशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने 2 साल पहले हाईप्रोफाल ब्लैकमेलिंग कांड का पर्दाफाश कर 7 युवतियों को गिरफ्तार किया था।


एसओजी के हत्थे चढ़ीं इन युवतियों के कारनामे भी कमोबेश प्रिया सेठ की तरह के ही सामने आए थे। गिरोह में शामिल एनआरआइ युवती ने तो डॉक्टर, इंजीनियर, रिसार्ट मालिक सहित कई नामी-गिरामी लोगों को फांसा था। हालांकि प्रिया ने ब्लैकमेलिंग और ठगी से आगे कदम बढ़ाकर हत्या तक कर दी।

पढ़ाई के लिए आईं, ब्लैकमेलर बन बैठीं
ब्लैकमेलिंग के मामले में एनआरआइ युवती रवनीत कौर उर्फ रीत का नाम सर्वाधिक चर्चा में रहा। रीत के माता-पिता सिंगापुर के निवासी हैं। उनके समक्ष राजस्थान की संस्कृति की दुहाई देकर रीत एमबीए करने जयपुर आई थी। परिवार वाले उसे जयपुर भेजने के लिए राजी हो गए लेकिन जल्दी और ज्यादा पैसा हासिल करने के लालच में वह ब्लैकमेलर गिरोह के जाल में फंस गई। रीत के जाल में फंसे एक नामी डाक्टर से गिरोह ने 1.35 करोड़ तक वसूल लिए थे। इसी तरह अलवर के एक रिसोर्ट मालिक को 50 लाख की चपत लगाने सहित 7 नामी व्यवसायियों को प्रेमजाल में फांसकर रीत ने लाखों रुपए ऐंठे। लेकिन अंतत: वह एसओजी के हत्थे चढ़ गई।

पुलिस ने भी दिया बढ़ावा
राजधानी में ब्लैकमेलर गिरोह को पांव पसारने में पुलिस की भी भूमिका सामने आई। एसओजी ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में उत्तराखंड की युवती रीया को गिरफ्तार किया तो हाईप्रोफाइल गैंग की परतें खुलती गई। गिरोह के जाल में फंसे शिकार का सेटलमेंट कराने में 2 पुलिस निरीक्षकों का नाम भी सामने आया। हालांकि एसओजी अभी तक गैंग में शामिल केवल कांस्टेबल हरिकिशन को ही गिरफ्तार कर पाई है। अन्य आरोपितों के खिलाफ जांच लंबित है।

दो बहनें भी शामिल
मोटी रकम के लालच में डीजे गर्ल शिखा और उसकी बहन मेघा भी गिरोह में शमिल हो गई। दोनों ने वैशालीनगर के एक डाक्टर से एक करोड़ से अधिक की वसूली की। साथ ही दर्जनभर व्यवसायियों को जाल में फांसा। शिखा तो गिरफ्त में आ गई लेकिन उसकी बहन एसओजी की पकड़ से अभी बाहर है। गिरोह ने बीकानेर और उदयपुर में रहने वाले फिल्म प्रोड्यूसर को भी शिकार बनाया। दोनोंं से करीब एक करोड़ रुपए ऐंठे। एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण शर्मा की अगुवाई में गठित टीम ने 7 युवतियों सहित गिरोह के 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।


ये भी थीं गिरोह की खूबसूरत शिकारी
- वंदना भट्ट : यूट्यूब के जरिए शिकार फांसती थी


- पूनम कंवर : मसाज पार्लर और विज्ञापन के जरिए ग्राहहों पर डाला जाल


- भावना बैरवा : सबसे ज्यादा उदयपुर के मार्बल व्यवसायी को ब्लैकमेल किया


- आकांक्षा : नौकरी की तलाश में गिरोह में फंसी और ब्लैकमेलर बन गई


- रीमा शुक्ला : ब्लैकमेलिंग के जरिए व्यवसायियों से करीब 70 लाख रुपए ऐंठे