1 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jaipur: JJM घोटाले में बड़ा एक्शन, PHED के मुख्य अभियंता हटाए, जयपुर की कमान राठौड़ को

Rajasthan PHED reshuffle: जयपुर। जल जीवन मिशन में अनियमिताओं के मामले में जलदाय विभाग के इंजीनियरों पर सरकार की गाज जारी है। जेल पहुंचे 10 इंजीनियरों के निलंबन के बाद सरकार के आदेश पर रविवार को मुख्य अभियंता (शहरी) मनीष बेनीवाल को एपीओ किया गया है। बेनीवाल को हटाने के बाद जल भवन में शीर्ष स्तर मुख्य अभियंता के तीन रिक्त हो गए।

2 min read
Google source verification
पीएचईडी मुख्यालय भवन, पत्रिका फाइल फोटो

पीएचईडी मुख्यालय भवन, पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan PHED reshuffle: जयपुर। जल जीवन मिशन में अनियमिताओं के मामले में जलदाय विभाग के इंजीनियरों पर सरकार की गाज जारी है। जेल पहुंचे 10 इंजीनियरों के निलंबन के बाद सरकार के आदेश पर रविवार को मुख्य अभियंता (शहरी) मनीष बेनीवाल को एपीओ किया गया है। बेनीवाल को हटाने के बाद जल भवन में शीर्ष स्तर मुख्य अभियंता के तीन रिक्त हो गए।

होली के अवकाश के बाद विभाग कैसे चलेगा इस पर मुख्य अभियंता बेनीवाल के हटाने के तत्काल बाद विभाग को अतिरिक्त प्रभार की बैसाखी पर चलाने का निर्णय किया गया और विभाग के शीर्ष इंजीनियरों को अतिरिक्त प्रभार देने के आदेश भी जारी किए गए।

अजय सिंह राठौड़ को जयपुर की कमान

मुख्य अभियंता (शहरी) का अतिरिक्त प्रभार जोधपुर प्रोजेक्ट की कमान संभाल रहे देवराज सोलंकी को दिया गया है। वहीं एक दो दिन बाद शुरू हो रहे गर्मियों के सीजन को देखते हुए जयपुर शहर में बेहतर पेयजल प्रबंधन के लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड को जयपुर कमान सौंपी गई है।

वहीं जोधपुर में एसीई शैतान सिंह को मुख्य अभियंता (स्पेशल प्रोजेक्ट), एसीई मुकेश कुमार बंसल को मुख्य अभियंता (प्रशासन),सुरेन्द्र शर्मा को मुख्य अभियंता ( ग्रामीण) और अधीक्षण अभियंता राममूर्ति चौधरी को अतिरिक्त मुख्य अभियता चूरू प्रोजेक्ट का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

जेजेएम घोटाले से विभाग की किरकिरी

प्रदेश में बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में ​जलदाय विभाग के इंजीनियरों की गिरफ्तारी और जेल जाने के प्रकरण में विभाग की काफी किरकिरी हुई है। वहीं दूसरी तरफ रविवार को जारी हुए आदेश से जलदाय मुख्यालय स्तर में हुए बड़े बदलाव को विभाग की छवि सुधारने की कवायद मानी जा रही है।