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Jaipur: कमरा खाली कराया तो आया गुस्सा, मकान मालिक की हत्या कर रिश्तेदार के घर छिपा; पुलिस ने दबोचा

Jaipur Crime: मानसरोवर के रजत पथ पर एक व्यक्ति की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मकान खाली कराने और सिक्योरिटी डिपॉजिट के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद में तीन साल पुराने किराएदार ने मकान मालिक की पत्थर से वार कर हत्या कर दी थी।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 5 Sep 2026, 8:04 AM IST

Jaipur Crime News

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो: पत्रिका

जयपुर। मानसरोवर के रजत पथ पर एक व्यक्ति की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मकान खाली कराने और सिक्योरिटी डिपॉजिट के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद में तीन साल पुराने किराएदार ने मकान मालिक की पत्थर से वार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज के अनुसार गिरफ्तार आरोपी महेश शर्मा (42) निवासी सुमेर नगर प्रथम न्यू सांगानेर रोड हाल अरावली पथ, शिप्रापथ को गिरफ्तार किया गया है।

महेश राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में जूनियर अकाउंटेंट है। वह पिछले 3 साल से अपनी बहन के साथ दीपक कुलश्रेष्ठ के मकान में किराए पर रह रहा था। दीपक जन्माष्टमी के आसपास मकान में नया निर्माण शुरू करवाने के लिए उससे कमरा खाली करवाना चाहते थे, जिसे लेकर दोनों में विवाद चल रहा था।

रिश्तेदार के घर छिपा था आरोपी

मानसरोवर में मकान मालिक की हत्या के आरोपी किराएदार रिश्तेदार के घर जाकर छिपा हुआ था। पुलिस ने उसे रिश्तेदार के घर से पकड़ा। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मकान मालिक के शव को देखकर डर गया था। इसलिए वह लहूलुहान हालत में शव को पोर्च में ही पड़ा छोड़कर वहां से भाग निकला।

पत्नी से तलाक के बाद मां के साथ रहते थे दीपक कुलश्रेष्ठ

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि मृतक दीपक कुलश्रेष्ठ पत्नी से तलाक के बाद मां के साथ रहते थे। गुरुग्राम (हरियाणा) की एक प्राइवेट कंपनी में कंसल्टेंट की नौकरी करते थे। दीपक के रजत पथ पर दो मकान हैं। एक मकान में वे खुद रहते थे और महज 400 मीटर दूर दूसरा मकान है। इस घर को हाउसिंग बोर्ड में जूनियर अकाउंटेंट महेश शर्मा को एग्रीमेंट के साथ पुलिस वेरिफिकेशन करवाकर किराए पर दिया था। पिछले करीब 3 साल से महेश अपनी बहन के साथ इस मकान में किराए पर रह रहा था।

हिसाब के बहाने बुलाकर किया जानलेवा हमला

तीन सितंबर को मकान खाली करने के बाद महेश ने सिक्योरिटी राशि के हिसाब-किताब के बहाने दीपक को बुलाया। बातचीत के दौरान कहासुनी होने पर महेश ने पास पड़ा भारी पत्थर उठाया और दीपक के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मोबाइल बंद कर बाइक से फरार हो गया और रिश्तेदार के घर छिप गया।

माता-पिता की मौत के बाद मिली थी नौकरी

पुलिस जांच में सामने आया कि महेश शर्मा के माता-पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर हाउसिंग बोर्ड में नौकरी मिली थी। वर्तमान में वह जूनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। वह अपने पैतृक मकान के बजाय अपनी बहन के साथ मानसरोवर में किराए के मकान में रह रहा था।