
गुनहगार सोनवीर को आजीवन कारावास (पत्रिका फाइल फोटो)
जयपुर: पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत (क्रम-1, जयपुर महानगर-प्रथम) ने साढ़े 6 साल की बालिका से बलात्कार के बाद उसकी नृशंस हत्या करने के दोषी सोनवीर उर्फ आकाश (26) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपराधी पर 1.20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के घिनौने अपराध के लिए कानून में मृत्युदंड का भी प्रावधान है। लेकिन मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी में न मानते हुए अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह राजावत ने अदालत को बताया कि घटना 25 फरवरी, 2025 की है। मृतका के पिता एक रेस्तरां में काम करते हैं। उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दोपहर के समय आरोपी सोनवीर उनकी साढ़े छह साल की बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
काफी देर तक जब बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। शक होने पर जब सोनवीर से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि बलात्कार के बाद उसने बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए शव को एक कट्टे में भरकर छत पर फेंक दिया।
परिजन को छत पर रखे कट्टे से मासूम का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चालान पेश किया, जिसके बाद अब अदालत ने यह फैसला सुनाया है। जज ने की गंभीर टिप्पणी कहा, ऐसे अपराध होते रहे तो बच्चे घरों से बाहर निकलने में भी डरेंगे।
आठ साल की मासूम के साथ बलात्कार और बर्बरता करने वाले दरिंदे को पॉक्सो कोर्ट संख्या एक ने अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। पिछले साल घर के पास खेल रही मासूम को खंडहर में ले जाकर आरोपी ने हैवानियत की थी। केस ऑफिसर स्कीम में शामिल मामले में जज विक्रम चौधरी ने फैसला सुनाते हुए गंभीर टिप्पणी भी की है।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही अपराध होते रहे तो बच्चे घरों से बाहर खेलने से भी डरेंगे। खास बात ये भी है कि दो साल पहले ही आरोपी इसी कोर्ट में बलात्कार के एक केस में संदेह का लाभ मिलने पर बरी हुआ था पर इस बार वह कानूनी शिकंजे में कसा गया।
घटना के कुछ घंटों में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। 12 जून को मामले में चार्जशीट पेश होने के बाद केस को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया। अभियोजन पक्ष से 31 गवाह, 61 दस्तावेज और 17 साक्ष्य पेश किए। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को आखिरी सांस तक जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना से मिले 1.75 लाख रुपए के अलावा कोर्ट ने अतिरिक्त 5 लाख रुपए देने की अनुशंसा की है।
लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि 21 मई 2025 को ग्रामीण इलाके की पीड़िता शाम 5 बजे घर के पास बच्चों के साथ खेल रही थी। उसके माता-पिता दो बच्चों को लेकर मजदूरी पर गए हुए थे। तभी आरोपी टॉफी का लालच देकर उसे ले गया और खंडहर में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की।
Updated on:
02 Apr 2026 11:12 am
Published on:
02 Apr 2026 11:11 am
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