हिंगोनिया गोशाला में पल रही दुधारू गायों को नगर निगम गोसेवकों को बेचेगा। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी जो गायों की दरें तय करेगी। गायों के बेचान के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि गोसेवकों के पास गायों की अच्छे ढंग से देखभाल हो सकेगी।
प्रमुख सचिव मंजीत सिंह ने रविवार को गोशाला का निरीक्षण करने के बाद ये निर्देश दिए। दरअसल, हाईकोर्ट के निर्देश पर मंजीत सिंह गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे थे। पशु नियंत्रण समिति चेयरमैन भगवत सिंह देवल ने गोशाला की समस्याओं के बारे में सिंह को बताया।
निरीक्षण के दौरान सिंह ने अधिकारियों को गायों की दुर्दशा पर जमकर फटकार लगाई। सिंह ने पूरी गोशाला का निरीक्षण किया।
उन्होंने नदी की तरफ बाउंड्री को ऊंचा करने, रामसिंहपुरा में बड़ा चारा गोदाम बनाने, मोर्चरी की जगह अस्पताल बनाने के निर्देश दिए।
सिंह के साथ नगर निगम आयुक्त आशुतोष एटी पेडणेकर, सज्जन सिंह सुराणा सहित गोशाला से जुड़े कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
400 बीघा में होगी खेती
गोशाला की 400 बीघा भूमि पर नगर निगम खेती करेगा। इसमें गोशाला के जानवरों के लिए हरा चारा उगाने के साथ मौसमी खेती की जाएगी। पानी की आवश्यकता को देखते हुए गोशाला में पांच बोरिंग भी खुदवाए जाएंगे। वर्तमान में यहां पर गायों के लिए हरा चारा उगाया जा रहा है।
मिनी कारकस प्लांट बनेगा
मृत गायों के निस्तारण के लिए गोशाला में मिनी कारकस प्लांट भी बनाया जाएगा। लंबे समय से शिकायतें मिल रही हैं कि गोशाला में मृत गायों को खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है। कारकस प्लांट बनने के बाद मृत गायों का मौके पर ही निस्तारण हो जाएगा। गायों की संख्या को देखते हुए मौके पर लेबर भी बढ़ाई जाएगी।
सरकार से मांगेंगे 10 करोड़ रुपए
गोशाला में अतिरिक्त बाड़े, मिनी कारकस प्लांट सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार से निगम 10 करोड़ रुपए मांगेगा। इसके लिए पशु नियंत्रण समिति बैठक कर प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।