
बिना पिलर के बन रही मचान गिरी तो गई जान (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: परकोटा क्षेत्र में अवैध निर्माण ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। सुभाष चौक के नजदीक मोहल्ला पन्नीगरान में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे एक निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान में ग्राउंड फ्लोर पर बन रही मचान की छत भरभराकर गिर गई।
बता दें कि इस हादसे में भवन मालिक 56 वर्षीय अताउल्लाह मिर्जा की मलबे में दबने से मौत हो गई। अताउल्लाह निर्माणाधीन मकान के सामने अपने भाइयों के साथ रहते थे।
मकान में ग्राउंड फ्लोर की ऊंचाई काफी अधिक रखी गई थी। जहां करीब दस दिन पहले मचान की छत इसलिए डाली जा रही थी, ताकि ऊपर ऑफिस और नीचे पार्किंग की जगह बन सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह छत बिना किसी पिलर के तैयार की जा रही थी। छत को केवल दो तरफ की तीन-चार इंच पतली ईंट की दीवारों में कटिंग कर सहारा दिया गया था। छत का वजन इन कमजोर दीवारों से सहन नहीं हुआ और वह ढह गई। स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंचे किशनपोल जोन के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के लिए नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, यह पूरी तरह अवैध था।
हादसे के वक्त मचान की छत पर कुछ कारीगर काम कर रहे थे और मालिक अताउल्लाह मिर्जा नीचे मौजूद थे। छत गिरते ही काम कर रहे कारीगर और मजदूर मौके से भाग गए, जबकि अताउल्लाह मलबे के नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शी इकरामुद्दीन ने बताया कि जोरदार धमाका होते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। राहत दल और जेसीबी के पहुंचने से पहले ही स्थानीय 25 से 30 लोगों ने मिलकर भारी छत को उठाकर अताउल्लाह को बाहर निकाला। वे लहूलुहान और बेसुध थे तथा अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक के घर में पंद्रह दिन बाद होने वाली भतीजे-भतीजी की शादियां की तैयारियां चल रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन हादसे ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया। अताउल्लाह अपने पीछे चार बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं।
हादसे की जानकारी मिलते ही सुभाष चौक थाना पुलिस, सिविल डिफेंस और निगम अधिकारी मौके पर पहुंचे। किशनपोल जोन उपायुक्त बिजेंद्र सिंह से इस अवैध निर्माण पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
Updated on:
11 Nov 2025 08:16 am
Published on:
11 Nov 2025 08:16 am
