
जयपुर के कानोता थाने की पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए अपने मेस कर्मचारी की बेटियों की शादी में 2.21 लाख रुपये का मायरा भरा।
Jaipur Police Mayra: राजस्थान पुलिस अक्सर अपने सख्त तेवरों के लिए जानी जाती है, लेकिन खाकी के भीतर धड़कने वाले संवेदनशील दिल जब मदद के लिए आगे आते हैं, तो समाज में एक नई मिसाल कायम होती है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण जयपुर की कानोता थाना पुलिस ने पेश किया है, जहां पुलिसकर्मियों ने अपने ही थाने के एक साधारण कर्मचारी की दो बेटियों की शादी में दो लाख से ज्यादा कैश मायरा और अन्य जेवर एवं कपड़े देकर परिवार की खुशियों में चार चांद लगा दिए। परिवार भी इस खुशी को पाकर भावुक हो गया।
दौसा जिले के गढ़ोरा निवासी रामकेश पटेल पिछले 11 वर्षों से कानोता थाने की मेस में खाना बनाने का काम कर रहे हैं। रामकेश केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि थाने के हर जवान के लिए परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। जब उनकी दो बेटियों की शादी की बात आई, तो आर्थिक तंगी के बीच पूरी पुलिस टीम उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी हो गई।
थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम रामकेश के गांव पहुंची। राजस्थान की लोक संस्कृति में 'मायरा' (भात) भरने की रस्म का विशेष महत्व है। पुलिसकर्मियों ने भाई का फर्ज निभाते हुए 2.21 लाख रुपये नकद, नए कपड़े और शादी का अन्य जरूरी सामान भेंट किया। जब खाकी वर्दी में सजे जवान मंगल गीत गाते हुए भात भरने पहुंचे, तो रामकेश और उनका परिवार भावुक हो उठा। यह पहल दिखाती है कि पुलिस केवल कानून की रक्षक ही नहीं, बल्कि अपने मातहतों के सुख-दुख की साथी भी है।
जयपुर की इस घटना के अलावा राजस्थान पुलिस ने पहले भी कई बार मानवता का परिचय दिया है:
Police की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि 'आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय' का स्लोगन केवल कागजों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस इस तरह के मानवीय कार्य करती है, तो जनता का उन पर भरोसा दोगुना हो जाता है। यह कहानी हमें सिखाती है कि पद और वर्दी से ऊपर इंसानियत का धर्म सबसे बड़ा है।
Published on:
26 Apr 2026 11:53 am
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