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‘सुबह खुशी-खुशी स्कूल भेजा था,मरा हुआ बच्चा मेरी गोद में दे दिया’ छात्र प्रिंस की मां ने सुनाई आखिरी पलों की दर्दनाक कहानी

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं के छात्र प्रिंस सोनी की मौत के बाद मां निर्मला ने स्कूल प्रबंधन पर समय पर इलाज नहीं देने का आरोप लगाया है। मां का कहना है कि स्कूल में वाहन मौजूद होने के बावजूद प्रिंस को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। उन्होंने शिक्षकों द्वारा तत्काल प्राथमिक उपचार नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
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छात्र प्रिंस सोनी की मौत के बाद परिजन विरोध प्रदर्शन करते हुए। फोटो पत्रिका

जयपुर। झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं के छात्र प्रिंस सोनी की मौत के बाद उसकी मां का दर्द और गुस्सा फूट पड़ा। बेटे को खोने के बाद मां ने स्कूल प्रबंधन पर समय पर इलाज नहीं देने और लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब वह स्कूल पहुंचीं तो उनका बेटा सोफे पर पड़ा था और कई शिक्षक उसे घेरे हुए थे। कुछ शिक्षकों के हटने के बाद उन्हें प्रिंस दिखाई दिया। मां के अनुसार, उस समय उसके शरीर का रंग नीला पड़ रहा था और मुंह व जीभ बाहर आ गई थी।

मां निर्मला ने बताया कि स्कूल की ओर से उन्हें फोन कर कहा गया था कि बच्चा बीमार है और वे आकर उसे संभालें। उनका आरोप है कि स्कूल में दो गाड़ियां खड़ी थीं, इसके बावजूद प्रिंस को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बच्चे के गले में कुछ अटक गया था और वह सांस लेने की कोशिश कर रहा था, तो स्कूल के शिक्षकों ने तत्काल प्राथमिक उपचार क्यों नहीं दिया।

'मेरे बच्चे को मेरी जरूरत है'

मां ने बताया कि बेटे की हालत देखकर खुद को संभाला। उन्होंने कहा कि उस वक्त वह भी बेहोश हो सकती थीं, लेकिन उन्हें लगा कि उनके बच्चे को उनकी जरूरत है। मां का आरोप है कि अगर स्कूल में समय रहते इलाज शुरू कर दिया जाता तो शायद स्थिति अलग होती। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे के भविष्य के लिए स्कूल में फीस भर रही थीं और उन्हें उम्मीद थी कि जरूरत पड़ने पर स्कूल उनके बच्चे को कम से कम जरूरी चिकित्सकीय सहायता तो देगा।

'मुझे यह स्कूल बंद चाहिए'

प्रिंस की मौत के बाद मां ने स्कूल बंद करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ अपने बच्चे के लिए नहीं है, बल्कि स्कूल में पढ़ रहे हजारों बच्चों और उनके माता-पिता के लिए भी है। उन्होंने कहा कि आज उनका बच्चा गया है, कल किसी और परिवार के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से जवाबदेही तय करने और इंसाफ की मांग की।

'मरा हुआ बच्चा मेरी गोद में दे दिया'

मां ने आरोप लगाया कि स्कूल से उनके बच्चे को उनकी गोद में दिया गया और कहा गया कि उसे डॉक्टर को दिखाएं। उन्होंने स्कूल के हेडमास्टर को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब वह स्कूल पहुंचीं तो उन्हें यह समझ नहीं आया कि हेडमास्टर पहले कहां थे और बाद में उनके साथ क्यों आए। बेटे की मौत के बाद मां का एक ही सवाल है कि अगर स्कूल में पहले भी ऐसी घटना हुई थी, तो तब अभिभावकों को क्यों नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि इस मामले में ऐसा इंसाफ हो जिससे स्कूल में पढ़ने वाले दूसरे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

स्कूल में पेटीज खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

झोटवाड़ा थाने में छात्र के पिता अमित सोनी की ओर से गुरुवार को दर्ज कराई रिपोर्ट अनुसार प्रिंस ने बुधवार को लंच में स्कूल कैंटीन से पेटीज खाई थी। इसके बाद वह अचेत हो गया और उसे रेस्ट रूम में करीब 45 मिनट रखा गया। स्कूल पहुंचे परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने स्कूल संचालक अमित कुमावत और व्यवस्थापक राजेंद्र कुमार को हिरासत में लिया है।