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जयपुर में छात्रा ने वीडियो बनाकर पूछा, क्या नेता-अफसर अपने बच्चों को भी ऐसी बसों में बैठाते हैं

राजधानी जयपुर के बढ़ते शहर और बढ़ती आबादी के बावजूद पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधन पीछे छूटते जा रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे शहर की बसें अपनी क्षमता भूल गई हों। 22 सीटर मिनी बसों में 60-70 यात्री खड़े-सफर कर रहे हैं।

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फोटो वीडियो स्क्रीनशॉर्ट

जयपुर। राजधानी के बढ़ते शहर और बढ़ती आबादी के बावजूद पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधन पीछे छूटते जा रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे शहर की बसें अपनी क्षमता भूल गई हों। 22 सीटर मिनी बसों में 60-70 यात्री खड़े-सफर कर रहे हैं और बड़े बसों में भी लोग खड़े होने को मजबूर हैं। हर रोज लोग घंटों बस का इंतजार करते हैं, और जैसे ही बस आती है, एक-दूसरे पर चढ़कर सफर शुरू हो जाता है।

लो-फ्लोर बसों का हाल यह है कि यात्री अपने पैर भी पूरी तरह फैलाकर नहीं बैठ सकते, सीटों के बीच खड़े होने की जगह तक कम पड़ जाती है। छात्र, बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी इस भीड़भाड़ की मार झेलते हैं। हाल ही में चांदपोल से कालवाड़ चलने वाली 24 नंबर लो-फ्लोर बस में सफर कर रही एक छात्रा ने इस भीड़ का वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस में सीटों से दोगुनी संख्या में लोग खड़े हैं और सफर करना मुश्किल है। छात्रा ने सवाल किया कि क्या नेता और अफसर अपने बच्चों को ऐसी बसों में सफर कराते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पत्रिका ने शहर की लो-फ्लोर बसों की पड़ताल की तो पाया कि अधिकतर रूटों पर यही हाल है और लगभग सभी बसें क्षमता से अधिक यात्रियों के साथ संचालित हो रही हैं।

22 सीटर मिनी बस में 70 से अधिक यात्री

जेसीटीएसएल के अनुसार फिलहाल 200 बसें चल रही हैं, जिनमें से 100 मिनी बसें हैं। 22 सीटों वाली इन बसों में 60 से 70 यात्री सफर करते हैं। भीड़ के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है, क्योंकि 200 बसों में से 70 बड़ी बसें कंडम होने जा रही हैं। इसके बाद जेसीटीएसएल के पास केवल 130 बसें ही बचेंगी।

दिसंबर तक इलेक्ट्रिक बसों का दावा

पहले 300 सीएनजी बसें लाने की योजना थी, लेकिन टेंडर रद्द कर दिया गया। अब सरकार केंद्र की योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसें लाने का दावा कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर तक 150 इलेक्ट्रिक बसें जयपुर में आ जाएंगी और दूसरे चरण में 169 और बसें जोड़ी जाएंगी। केंद्र ने राजस्थान को कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की हैं।