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Ramgarh Dam Foundation Day : जन्मदिन मुबारक, ‘रामजल’ से बुझेगी रामगढ़ बांध की प्यास, फरवरी से बिछेगी पाइप लाइन

Ramgarh Dam Foundation Day : जयपुर में आज 30 दिसंबर को रामगढ़ बांध का 129वां स्थापना दिवस है। इस अवसर पर रामगढ़ बांध बचाओ संघर्ष समिति की ओर से केक काटकर दीपदान किया जाएगा। ईसरदा बांध से रामगढ़ बांध तक 175 किमी लंबाई की पाइप लाइन बिछाने का काम फरवरी में शुरू हो जाएगा। पढ़ें रामगढ़ बांध पर पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

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Jaipur Ramgarh Dam Foundation Day Happy Birthday Ramgarh dam thirst will be quenched water from Ramjal pipeline laid February 2026

रामगढ़ बांध। फोटो पत्रिका

Ramgarh Dam Foundation Day : जयपुर. जमवारामगढ़. गुजरा वर्ष रामगढ़ बांध और जयपुर के लिए यादगार वर्ष रहा। रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार का साथ मिला। खुद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पहुंचकर श्रमदान किया। शहरवासियों और ग्रामीणों का भी पूरा साथ मिला। दो माह से अधिक समय तक नियमित रूप से श्रमदान चला। ईसरदा बांध से यहां तक पानी लाने के लिए फरवरी में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए सर्वे पूरा हो चुका है। सरकार और लोगों के सहयोग से यहां काफी काम हुआ है। हालांकि, अभी बांध प्यासा है और पानी आने में समय लगेगा। बांध के पुनर्जन्म से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

श्रमदान से बदली तस्वीर

पांच जून को राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् और वंदे गंगा जल संरक्षण जल अभियान के तहत श्रमदान शुरू हुआ। पहले दिन जनसभा हुई। इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पहले दिन मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी ने श्रमदान किया था। इसके बाद लगातार 64 दिन तक श्रमदान किया गया। इसमें शहर के व्यापारिक, सामाजिक संगठनों से लेकर जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मानसून आने से पहले हजारों ट्रक मिट्टी निकाली गई। भराव क्षेत्र से विलायती बबूल हटाए गए। जिन स्थानों से खुदा कर मिट्टी को हटाया गया था, वहां आज भी बरसात का पानी मौजूद है, जो इस बात का प्रमाण है कि बांध को फिर से जीवित किया जा सकता है।

175 किमी की पाइप लाइन…अभी क्या हो रहा

संशोधित पार्वती, कालीसिंध, चंबल लिंक परियोजना (एकीकृत) परियोजना के तहत ईसरदा बांध के पानी से रामगढ़ बांध को भरा जाएगा। ईसरदा बांध से रामगढ़ बांध तक बिछाई जाने वाली 175 किलोमीटर लंबाई की पाइप लाइन बिछाने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल अधिकारी सर्वे रिपोर्ट का मौके पर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। जनवरी में लाइन बिछाने का अलाइनमेंट तय हो जाएगा। परियोजना से जुड़े शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह तक पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।

दीपदान, सजावट और कटेगा केक

राजस्थान पत्रिका के जन‑अभियान के तहत हुए श्रमदान और रामजल सेतु योजना ने संकल्प जगाया है कि बांध में पानी लौटेगा। इससे पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। आज 30 दिसंबर को बांध के 129वें स्थापना दिवस पर रामगढ़ बांध बचाओ संघर्ष समिति की ओर से केक काटकर दीपदान किया जाएगा। वहीं रिलाइव जमवारामगढ़ मिशन एवं जमवारामगढ़ समग्र विकास परिषद की ओर से बांध की पाल पर रोशनी और सजावट की जाएगी।

अतिक्रमण ने रोका प्राकृतिक जल प्रवाह

औसत वर्षा में खास गिरावट न होने के बावजूद बांध में पानी नहीं पहुंच रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कैचमेंट एरिया में बने चेकडैम, एनीकट, तलाई, जोहड़ और नदी-नालों पर हुए अतिक्रमण ने प्राकृतिक जल प्रवाह को बाधित कर दिया है। नदियों और नालों के प्रवाह में खेत बना दिए गए, जिससे बरसाती पानी रास्ते में ही रुक जाता है।

रामगढ़ बांध : एक नजर

1- स्थापना : 30 दिसंबर 1897
2- निर्माण पूर्ण : 1903
3- लागत : 5,84,563 रुपए
4- मुख्य नहर : 21.5 मील
5- लिंक नहरें : 139.5 मील
6- जयपुर को पहली जलापूर्ति : 1931
7- नियमित जलापूर्ति : 2005 तक
8- एशियाई खेलों का साक्षी : 1982
9- वर्तमान में सौंदर्यकरण कार्य : 3.50 करोड़ रुपए।
प्रस्तावित योजना : रामजल सेतु (1915 करोड़ रुपए)।

कभी था पर्यटकों की पहली पसंद

महाभारत कालीन बाणगंगा नदी पर बने रामगढ़ बांध की नींव 30 दिसंबर 1897 को जयपुर रियासत के महाराजा माधोसिंह द्वितीय ने रखी थी। वर्ष 1903 में इसका निर्माण पूर्ण हुआ। कभी सिंचाई, पेयजल और पर्यटन का प्रमुख केंद्र रहा यह बांध विडंबना का शिकार होकर पिछले करीब 20 वर्षों से पूरी तरह सूखा पड़ा है।

चार दशक से सिंचाई बंद है और 2017 के बाद जयपुर को जलापूर्ति भी पूरी तरह ठप हो चुकी है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित रामगढ़ बांध कभी पर्यटकों की पहली पसंद हुआ करता था। 1982 के एशियाई खेलों में यहां नौकायन प्रतियोगिता हुई थी, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।

सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा

भाजपा की डबल इंजन सरकार रामगढ़ बांध में पानी लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। योजना को मंजूरी मिल चुकी है, टेंडर हो गए हैं और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
महेंद्र पाल मीना, विधायक, जमवारामगढ़