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जयपुर की लाछी बनी सबसे कम उम्र की साहित्यकार जीत चुकी है कई पुस्कार

लाछी बनी राइजिंग राइटर, मिला यंगेस्ट ऑथर एक्सीलेंस अवॉर्ड

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जयपुर . 7वें एशियाड लिटरेचर फेस्टिवल में वैशाली के सेक्टर दस में रहने वाली लाछी प्रजापति को हाल ही दिल्ली में इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 7वें एशियाड लिटरेचर फेस्टिवल में यंगेस्ट ऑथर एक्सीलेंस अवॉर्ड18 से सम्मानित किया गया। लाछी को ये अवॉर्ड उनकी पुस्तक सिट ए व्हाइल विद् मी के लिए दिया गया। लाछी ने ये पुस्तक उसने नौ साल की उम्र में लिखी थी। जिसके चलते लाछी का नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड्स में सबसे कम उम्र की साहित्यकार के रूप में भी दर्ज है। इतना ही नहीं निजी स्कूल में पढ़ने वाली लाछी को डांस में भी महारथ हासिल है। लाछी 125 चरी सिर पर लेकर नृत्य करने का भी रिकॉर्ड भी बना चुकी है।

नौ की उम्र में शुरू किया लिखना

लाछी से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने बताया की नौ साल की छोटी सी उम्र में ही उन्हें लेखन का शौक लग गया था। लाछी स्कूल में मिलने वाले होमवर्क करने के बाद लिखना शुरू कर देती थी। जब उनके परिजनों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने भी लाछी को जमकर मोटिवेट किया। जिसकी बदौलत आज लाछी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रही। लाछी द्वारा लिखी गई इस बुक का विमोचन लाछी ने मेनका गांधी से कराया था। उन्होंंने भी लाछी की प्रतिभा को देख खूब सराहना की थी। इतना ही नहीं लाछी ने यह पुस्तक राज्यपाल कल्याण सिंह , के साथ-साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमामालिनी को भी भेंट की थी। लाछी ने बताया की इस पुस्तक से मिलने वाली राशि ये कैंसर पीडि़तों के सहायतार्थ समर्पित करेगी। उसने बताया कि पहली बुक में कविताओं, लेख, लघु कहानियां व लिमिरिक्स का संग्रह है। वे फिलहाल अपनी दूसरी पुस्तक लिख रही है।

लाछी ने 7वें एशियाड लिटरेचर फेस्टिवल में यंगेस्ट ऑथर एक्सीलेंस अवॉर्ड18 जीत कर राजस्थान का नाम रोशन किया है। लेखन के साथ साथ लाछी की डांस में भी काफी रूचि है, वे डांस में भी कई
लाछी को डांस में भी कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है।